60 साल से मुफ्त बस यात्रा का ऐलान
हाईटेक महिला टॉयलेट, पिंक ई-बस और स्वरोजगार के लिए बढ़ी लोन सीमा; रक्षाबंधन पर सीएम धामी की कई घोषणाएं
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले धामी सरकार महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार नई घोषणाएं कर रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा देने का ऐलान किया।
इसके साथ ही प्रदेश में महिलाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की भी घोषणा की गई है।
60 साल की उम्र से मिलेगा निशुल्क बस यात्रा का लाभ
वर्तमान में प्रदेश में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए यह आयु सीमा घटाकर 60 वर्ष करने की घोषणा की है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश की बड़ी संख्या में वरिष्ठ महिलाओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की महिलाओं को इस सुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।
सार्वजनिक स्थानों पर बनेंगे हाईटेक महिला टॉयलेट
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक और हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा की है।
इन सुविधाओं में स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना है।
देहरादून में चलेंगी महिलाओं के लिए पिंक ई-बस
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को कुल 137 इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।
इनमें से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
स्वरोजगार के लिए रियायती लोन सीमा बढ़ाई गई
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वरोजगार योजना में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
मुख्यमंत्री ने रियायती बैंक लोन की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है।
स्वरोजगार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रक्षाबंधन समारोह में बहनों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में महिलाओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बहनों का स्नेह और विश्वास उन्हें लगातार जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर काम कर रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर की गई इन घोषणाओं को प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है।


















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