बोले- पीएम मोदी कार्रवाई करें
हल्द्वानी रामलीला मैदान के शुद्धीकरण विवाद को लेकर सियासत फिर गरमा गई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया।
उन्होंने इसे दलितों के प्रति भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ा।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में छुआछूत अपराध है।
इसके बावजूद बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोग ऐसी प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस की मानसिकता दलितों को छूने से परहेज करने वाली है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में बोलने और कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कोई असंभव मांग नहीं कर रही है। पार्टी सिर्फ अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए न्याय की मांग कर रही है।
8 अगस्त को हुई थी खड़गे की रैली
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा को संबोधित किया था। इसके तीन दिन बाद वहां शुद्धीकरण यज्ञ कराया गया।
श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। संगठन ने दावा किया कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से रामलीला मैदान की मर्यादा प्रभावित हुई।
संगठन का कहना था कि रामलीला मैदान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी इस्तेमाल होता है। इसलिए वहां ऐसे नारे नहीं लगाए जाने चाहिए थे।
इसी वजह से कार्यक्रम के बाद शुद्धीकरण यज्ञ कराने की बात कही गई। इस घटना के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला।
महेंद्र भट्ट ने शुद्धीकरण को बताया गलत नहीं
उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी इस विवाद पर बयान दिया था।
उन्होंने रामलीला मैदान में शुद्धीकरण किए जाने को गलत नहीं माना।
महेंद्र भट्ट के मुताबिक, रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जो रामलीला मैदान की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे।
उन्होंने कहा था कि कार्यक्रम के बाद यदि मैदान का शुद्धीकरण किया गया तो इसमें गलत क्या है।
भट्ट ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया।
संसद में भी उठा था मामला
हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद 13 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में भी उठा था।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को छुआछूत से जोड़ा और कार्रवाई की मांग की थी।
खड़गे ने शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ छुआछूत विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की थी।
वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना की निंदा करते हुए कहा था कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती।
उन्होंने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया था।
राज्यसभा के सभापति ने भी छुआछूत की निंदा की थी।
उन्होंने कहा था कि घटना की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
बीजेपी ने कार्यक्रम से दूरी बनाई
बीजेपी नेता और उत्तराखंड सरकार में मंत्री खजान दास ने भी कहा था कि पार्टी का इस शुद्धीकरण कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठन से बीजेपी का संबंध होने से इनकार किया था।
वहीं 20 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में खड़गे ने इस मामले पर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं की सार्वजनिक चुप्पी पर नाराजगी जताई थी।
अब तक एफआईआर और कार्रवाई पर सवाल
विवाद के बाद कांग्रेस लगातार एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग कर रही है। संसद में भी सरकार से जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
यही वजह है कि राहुल गांधी ने एक बार फिर एफआईआर और कार्रवाई की मांग उठाई है।
इस पूरे विवाद ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव को और तेज कर दिया है।
















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