उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हरियाणा की 23 वर्षीय युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस की बताई जा रही है।
युवती की शिकायत पर पुलिस ने दो यूपी पुलिसकर्मियों और दो सीआरपीएफ कर्मियों को गिरफ्तार किया है।
इनमें हसनपुर कोतवाली का एक दरोगा और हेड कांस्टेबल तथा सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल शामिल हैं।
दोनों स्थानीय पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
सहेली के जरिए हुई थी सीआरपीएफ कर्मी से मुलाकात
पुलिस के मुताबिक युवती हरियाणा के फतेहाबाद क्षेत्र की रहने वाली है। 20 सितंबर को उसकी एक सहेली के जरिए सीआरपीएफ कर्मी मोहित से बातचीत हुई थी।
आरोप है कि मोहित ने उसे सोनीपत बुलाया और वहां से कार में बैठाकर अमरोहा ले गया।
रास्ते में उसका साथी सीआरपीएफ कर्मी लालाराम भी कार में सवार हो गया।
दोनों युवती को हसनपुर लेकर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात स्थानीय पुलिसकर्मी संजय तोमर से हुई।
इसके बाद सभी झुलपुरी गांव के पास स्थित फार्म हाउस पहुंचे।
पुलिस के अनुसार वहां दो कमरे लिए गए। कुछ देर बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद मलिक खाना और शराब लेकर फार्म हाउस पहुंचा।
कमरे में बंद होकर युवती ने पुलिस को किया फोन
युवती के बयान के मुताबिक, मोहित, लालाराम और संजय उसके कमरे में पहुंचे। युवती ने तीनों पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है।
इसके बाद प्रमोद मलिक के कमरे में पहुंचने पर युवती ने उसे बाहर धक्का दिया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
उसने इंटरनेट से अमरोहा पुलिस का नंबर खोजा और रात में ही पुलिस को सूचना दी।
अमरोहा के एसपी लाखन सिंह यादव के अनुसार, पुलिस को 22 सितंबर की देर रात घटना की सूचना मिली थी।
टीम ने मौके पर पहुंचकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाला।
शिकायत के आधार पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। चारों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जिस फार्म हाउस में घटना हुई, वह विधायक का बताया गया
पुलिस के मुताबिक घटना झुलपुरी गांव के पास गजरौला जाने वाले लिंक मार्ग स्थित फार्म हाउस में हुई।
यह फार्म हाउस उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा का बताया जा रहा है।
फार्म हाउस को ‘डीडी ब्रदर्स फार्महाउस’ के नाम से भी जाना जाता है।
मामले में विधायक की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
विधायक का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल बातचीत नहीं हो सकी।
उनके पीए ने बताया कि विधायक व्यस्त थे और कार्यालय की ओर से मामले में जानकारी देने की बात कही गई थी।
पुलिस अब युवती के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।















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