700 से ज्यादा हिरासत में; 10 अक्टूबर को फिर आंदोलन का ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला तेज हो गया है।
2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन हुए।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
इनमें आम आदमी पार्टी नेता आतिशी और सौरभ भारद्वाज, आरजेडी सांसद मनोज झा,
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले रोके गए प्रदर्शनकारी
पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी।
SFI और DYFI से जुड़े प्रदर्शनकारियों के अलावा AISA, NSUI और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।
प्रदर्शनकारियों को अशोका रोड, जनपथ और टॉल्स्टॉय रोड की ओर से जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया।
कई लोगों को पुलिस बसों में बैठाकर अलग-अलग थानों ले जाया गया। दोपहर तक पुलिस ने 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी थी।
प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी कुछ घंटों के लिए बंद रही।
दिल्ली मेट्रो ने भी सुरक्षा कारणों से कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुल 12 मेट्रो स्टेशनों पर यह प्रतिबंध लगाया गया था।
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन
उधर, मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।
रॉयटर्स के मुताबिक, मुंबई में CJP के प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
पार्टी ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
मुंबई में प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, संगीतकार विशाल ददलानी,
फिल्मकार विशाल भारद्वाज और अभिनेता अतुल कुलकर्णी समेत कुछ फिल्मी हस्तियों के शामिल होने की भी रिपोर्ट सामने आई।
10 अक्टूबर को फिर जंतर-मंतर पहुंचने का ऐलान
मुंबई में प्रदर्शन के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने और महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकती है, तो जहां रोका जाएगा, वहीं प्रदर्शन किया जाएगा।
SIR और वोटर लिस्ट को लेकर उठ रहे सवाल
प्रदर्शनकारी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर विरोध कर रहे हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर किसी तरह की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोपों से इनकार किया है।
आयोग की ओर से कहा गया है कि तीन सदस्यीय आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
2 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद अब 10 अक्टूबर के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर दिल्ली में फिर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की संभावना है।















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