उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम बदलने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है।
हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ धाम और औली की चोटियों पर हिमपात हुआ है।
वहीं, जोशीमठ क्षेत्र में देर रात से बारिश होती रही। सुबह मौसम साफ होने पर बर्फ से ढकी चोटियां धूप में चमकती नजर आईं।
हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बदला नजारा
सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में गुरुवार देर रात से रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी हुई।
इससे गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ से ढक गईं। बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र का नजारा बदल गया।
सुबह धूप निकलने पर बर्फ से ढकी चोटियां बेहद खूबसूरत दिखाई दीं।
सफेद बर्फ पर पड़ती धूप ने हेमकुंड साहिब की सुंदरता बढ़ा दी। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं को भी बर्फ से ढकी पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य देखने को मिला।
कपाट बंद होने से पहले हुई बर्फबारी
हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाने हैं।
कपाट बंद होने से ठीक पहले हुई बर्फबारी से क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने से सुबह और शाम सर्दी का असर तेज हो गया है।
मौसम में बदलाव के बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्साह बना हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक 3,78,737 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं।
बदरीनाथ और औली की चोटियों पर भी हिमपात
चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है।
बदरीनाथ धाम और औली की ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ।
वहीं, जोशीमठ समेत निचले इलाकों में बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है।
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मौसम के इस बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ने लगा है।
लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड और बढ़ने की संभावना के बीच श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान गर्म कपड़े रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
















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