बदरीनाथ धाम में बीते दिनों सामने आए विवाद और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने ‘रीजनल रिपोर्टर’ से बातचीत करते हुए सफाई दी है।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
विवाद के बीच एक व्यक्ति को उनके निजी सचिव के तौर पर बताए जाने पर भी सवाल उठे थे।
इस पर हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है।
उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति उनके लिए नियुक्त नहीं किया गया था।
धाम की परंपराओं को बनाए रखना प्राथमिकता
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ धाम से देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि धाम की परंपराओं और पौराणिक मान्यताओं को बनाए रखना मंदिर समिति की प्राथमिकता है।
बीते दिनों सामने आई घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि यह मानव विकृति का मामला है।
उनके मुताबिक, इस तरह की घटना सामने आने के बाद शासन और मंदिर समिति की ओर से कठोर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति फिलहाल जेल में है।
निजी सचिव को लेकर अध्यक्ष ने दी सफाई
निजी सचिव को लेकर पूछे गए सवाल पर हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति में उनके लिए कोई निजी सचिव नियुक्त नहीं है।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान मंदिर समिति और दूसरे विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों के लिए यात्रा क्षेत्र में जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर, सहायक अभियंता और दूसरे कर्मचारी भी यात्रा के दौरान अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार काम करते हैं।
हालांकि, जिस व्यक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसके संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उनके लिए नियुक्त नहीं था।
हेमंत द्विवेदी ने बातचीत के दौरान पूर्व पदाधिकारियों के समय से चली आ रही व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति में अलग-अलग तरह के काम होते हैं और संबंधित लोगों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार काम करना होता है।
साजिश के सवाल पर बोले- पुलिस जांच कर रही
पूरे मामले में किसी साजिश की आशंका को लेकर पूछे गए सवाल पर मंदिर समिति अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना और मंदिर प्रशासन को व्यवस्थित रखना है।
साथ ही उन्होंने बदरीनाथ धाम की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
फिलहाल निजी सचिव को लेकर उठे सवालों पर मंदिर समिति अध्यक्ष ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।
वहीं संबंधित व्यक्ति की भूमिका और पूरे विवाद को लेकर पुलिस जांच जारी है।
अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही मामले की आगे की तस्वीर साफ होगी।
लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.














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