उत्तराखंड के नैनीताल में प्रभागीय वनाधिकारी यानी DFO कार्यालय में गुरुवार तड़के आग लग गई।
आग की चपेट में आने से कार्यालय में रखी कई फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए।
DFO कार्यालय नैनीताल चिड़ियाघर के ऊपर स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
हालांकि, आग के वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सुबह बिजली आने के बाद लगी आग
बताया जा रहा है कि बुधवार रात क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। उस समय कार्यालय बंद करते वक्त बिजली आपूर्ति नहीं थी।
आशंका है कि सुबह बिजली आने के बाद किसी स्थान पर शॉर्ट सर्किट हुआ और कागज या लकड़ी ने आग पकड़ ली।
आग लगने की सूचना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
आग की चपेट में आने से कार्यालय में रखे दस्तावेज और फाइलें जल गईं। हालांकि, DFO कार्यालय के भवन को ज्यादा नुकसान नहीं होने की जानकारी है।
DFO का ऑफिस बाल-बाल बचा
आग की घटना में DFO आकाश गंगवार का कार्यालय भी बाल-बाल बच गया।
घटनास्थल के पास ही उप निदेशक प्राणी उद्यान और उप प्रभागीय वनाधिकारी का कार्यालय भी स्थित है।
आग की चपेट में मुख्य रूप से फाइलों और दस्तावेजों से जुड़ा हिस्सा आया है। कार्यालय के अन्य हिस्सों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अकाउंट और लैंड ट्रांसफर की फाइलें जलीं
DFO आकाश गंगवार ने बताया कि जिस कार्यालय में आग लगी, वहां मुख्य रूप से अकाउंट, लैंड ट्रांसफर और स्टैब्लिशमेंट से संबंधित फाइलें रखी हुई थीं।
उन्होंने कहा कि आग से कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी जानकारी फाइलों की जांच के बाद ही सामने आएगी।
हालांकि, जिन दस्तावेजों में आग लगी है, उनमें से संबंधित रिकॉर्ड नैनीताल और देहरादून स्थित कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
फिलहाल आग लगने के कारण और जली हुई फाइलों की संख्या को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
















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