SIR के खिलाफ आंदोलन जारी
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।
शनिवार की कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच का ऐलान किया है।
इस बीच CJP संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत से रिहाई मिल गई।
प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया।
अधिकारियों ने रविवार को उनकी रिहाई की पुष्टि की। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि अगर ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं,
तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे सीजेपी नेता
मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद रिहा हुए सीजेपी नेताओं ने दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का एलान किया है।
कोर्ट से निकलते समय सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने यह जानकारी मीडिया को दी।
शनिवार की कार्रवाई के बाद आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP और छात्र-युवा संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
उनकी मांग है कि SIR प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
दिल्ली पुलिस ने निर्धारित समय से पहले आवेदन नहीं मिलने और कानून-व्यवस्था संबंधी आशंकाओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
इसके बाद राजधानी में कई जगह सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई।
शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों, छात्र नेताओं, वकीलों और विपक्षी नेताओं को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या पर मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए।
कुछ रिपोर्टों में 3,000 से अधिक, जबकि अन्य में 7,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई।
अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा
CJP के तीन प्रमुख नेताओं को शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान उतरते ही हिरासत में लिया गया था।
रविवार सुबह उन्हें दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
इसके बाद अदालत ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया।
पार्टी की ओर से रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया।
शनिवार को हुई कार्रवाई के बावजूद CJP ने आंदोलन वापस लेने से इनकार किया है।
संगठन के नेता अजिंक्य शिंदे ने समर्थकों से रविवार को भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
मेट्रो, सड़कों और बाजारों पर दिखा सुरक्षा व्यवस्था का असर
शनिवार को नई दिल्ली के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित रही। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश तथा निकास द्वार बंद रखे गए।
कनॉट प्लेस समेत मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी सुरक्षा प्रतिबंधों का असर देखने को मिला।
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी कुछ क्षेत्रों में अस्थायी पाबंदियां लगाए जाने की रिपोर्ट आई।
पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात संबंधी चिंताओं को वजह बताया।
वहीं, प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं ने हिरासत तथा प्रतिबंधों पर सवाल उठाए हैं।
सोमवार को इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन की तैयारी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का मुद्दा अब विपक्षी दलों तक भी पहुंच गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन का ऐलान किया है।
कांग्रेस ने अपने सांसदों को सोमवार को दिल्ली में मौजूद रहने के लिए कहा है।
विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
उनका आरोप है कि SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठे इन सवालों पर राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल CJP ने रविवार को फिर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक पहुंच पाते हैं या पुलिस उन्हें रास्ते में ही रोकती है।















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