पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी
नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।
चारधाम यात्रा की तर्ज पर प्रस्तावित इस व्यवस्था में धाम की क्षमता और आसपास ठहरने की उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर श्रद्धालुओं की संख्या तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कैंची धाम में भीड़ प्रबंधन के लिए पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया है।
रोजाना 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की सीमा का प्रस्ताव
रिपोर्टों के अनुसार, कैंची धाम में रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखने पर विचार किया जा रहा है।
कुछ रिपोर्टों में यह सीमा 20 से 25 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन बताई गई है।
हालांकि, इसे अंतिम आधिकारिक सीमा मानने से पहले शासन के अंतिम निर्णय और दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूरी है।
पंजीकरण पोर्टल के जरिए धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पहले से आकलन किया जाएगा।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में संयुक्त प्रस्ताव शासन को भेजना है।
प्रशासन का उद्देश्य भीड़ के अनुरूप यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करना है।
जाम से स्थानीय लोगों और यात्रियों की बढ़ी परेशानी
2 अक्टूबर को कैंची धाम क्षेत्र में एक दिन में 35 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
बढ़ते यातायात दबाव से भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर जाम की समस्या गंभीर हुई है।
इस मार्ग से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, गांधी जयंती के सप्ताहांत में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रशासन पार्किंग, शटल सेवा और सुरक्षा इंतजामों को बेहतर बनाने पर भी काम कर रहा है।
प्रवेश और निकासी के लिए अलग रास्ते बनाने की तैयारी
प्रशासन ने कैंची धाम में प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, भीड़ बढ़ने पर भवाली और आसपास के स्थानों से शटल सेवा चलाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता का आकलन भी किया जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर क्षेत्र में लगभग 20 हजार बेड और 1,019 होमस्टे उपलब्ध हैं।
पंजीकरण व्यवस्था से श्रद्धालुओं की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
होटल और होमस्टे की जांच, अधिक वसूली पर कार्रवाई
भीड़ प्रबंधन के साथ प्रशासन ने होटल और होमस्टे में नियमों के पालन की जांच भी शुरू की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों के उल्लंघन पर 22 पंजीकृत आवासीय इकाइयों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित दरों से अधिक वसूली की शिकायतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।















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