15 दिन से चल रहा था क्रमिक अनशन, हेमंत द्विवेदी की पहल के बाद आंदोलन खत्म
बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अस्थायी कर्मचारियों ने अपना क्रमिक अनशन समाप्त कर दिया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की पहल और सकारात्मक बातचीत के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया।
कर्मचारी पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे।

क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी लंबे समय से सेवा और वेतन से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- वन टाइम सेटलमेंट: लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की सेवा का एकमुश्त समाधान।
- समान काम, समान वेतन: समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन देना।
- मानदेय में वृद्धि: कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी।
- नियमितीकरण: लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों की सेवा नियमित करना।
- ईपीएफ और बीमा: कर्मचारी भविष्य निधि और सामूहिक बीमा जैसी सुविधाएं देना।
- आर्थिक सहायता: सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को मदद देना।
- सेवा सुरक्षा: कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना।
मांगों पर विचार के लिए बनी उपसमिति
24 अक्टूबर को ऋषिकेश स्थित बीकेटीसी कार्यालय में अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी।
इसमें वन टाइम सेटलमेंट, समान काम-समान वेतन और वेतन वृद्धि की मांगों पर विचार के लिए उपसमिति गठित की गई।
उपसमिति को 15 दिन में रिपोर्ट देने और मांगों के समाधान के लिए तीन सप्ताह का समय तय किया गया।
बीकेटीसी ने किन सुविधाओं पर लिए निर्णय
बीकेटीसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों के सामूहिक बीमा, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ),
सेवानिवृत्ति पर एक वर्ष के वेतन के बराबर धनराशि और सेवाकाल में असामयिक मृत्यु होने पर
परिवार को एकमुश्त सहायता देने के संबंध में भी बोर्ड बैठक में निर्णय लिए गए हैं।
समिति के अनुसार, इससे पहले 70 अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जा चुकी है।
अब आगे क्या
अनशन समाप्त होने के बाद कर्मचारियों की निगाहें उपसमिति की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।
वन टाइम सेटलमेंट, नियमितीकरण और समान वेतन जैसी प्रमुख मांगों पर अंतिम निर्णय लागू होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

















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