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बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण: मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज

जिला एवं सत्र न्यायालय चमोली का फैसला, एसआईटी की जांच जारी

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी एवं कथित गबन मामले में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया।

जिला एवं सत्र न्यायालय, चमोली ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। और इसके साथ ही अदालत ने दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा छह अगस्त तक बढ़ा दी है।

अदालत के इस आदेश के बाद वह फिलहाल पुरसारी जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

एसपी चमोली ने की पुष्टि

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने जमानत याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि न्यायालय ने आरोपी की बेल अर्जी नामंजूर कर दी है।

उन्होंने कहा कि मामले की विशेष जांच टीम (SIT) विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

सीसीटीवी और दस्तावेजों के आधार पर हुई थी गिरफ्तारी

एसआईटी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और चोरी की जांच के दौरान

सबसे पहले तत्कालीन अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था।

जांच एजेंसी का दावा है कि प्रारंभिक जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई।

कुछ सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कथित रूप से चढ़ावे की नकदी अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

8 जुलाई को दर्ज मुकदमे में हुई थी गिरफ्तारी

प्रमोद नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे।

एसआईटी ने 8 जुलाई को दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था।

अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और तब से वह पुरसारी जिला कारागार में बंद हैं।

दूसरे आरोपी भी न्यायिक हिरासत में

जांच आगे बढ़ने पर एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान से भी पूछताछ की और बाद में उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

वर्तमान में दोनों आरोपी पुरसारी जिला कारागार में बंद हैं।

एसआईटी जुटा रही है साक्ष्य

एसआईटी स्टॉक रजिस्टर, चढ़ावा अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज, जब्त दस्तावेजों

और बदरी-केदार मंदिर समिति के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही

और पूरे घटनाक्रम को किस प्रकार अंजाम दिया गया।

एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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