नर्सिंग आंदोलन से जुड़ा मामला, टंकी पर चढ़कर किया था प्रदर्शन
वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने वाले नर्सिंग अभ्यर्थियों और महिला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि
प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना देकर कानून व्यवस्था प्रभावित की और आत्मदाह की धमकी देकर माहौल तनावपूर्ण बना दिया।
11 से 13 मई तक चला प्रदर्शन
डालनवाला थाना प्रभारी संतोष कुमार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार 11 मई से 13 मई तक नर्सिंग एकता
मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ज्योति रौतेला के नेतृत्व में पांच लोग परेड ग्राउंड की पानी की टंकी पर चढ़ गए और लंबे समय तक वहीं डटे रहे।
पुलिस ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक जिस स्थान पर प्रदर्शन किया गया, उसे जिला प्रशासन पहले ही धरना-प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित घोषित कर चुका था।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के पास पेट्रोल और माचिस भी मौजूद थी।
आत्मदाह और कूदने की दी चेतावनी
आरोप है कि मांगें पूरी नहीं होने पर ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने और टंकी से कूदने की चेतावनी दी।
मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए।
सड़क जाम और यातायात प्रभावित होने का आरोप
पुलिस के अनुसार 12 मई को प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
इस दौरान नारेबाजी और हंगामे के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब 59 घंटे तक चले प्रदर्शन के चलते आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
वार्ता के बाद नीचे उतरे प्रदर्शनकारी
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता कराई।
अधिकारियों की ओर से मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद 13 मई को प्रदर्शनकारी पानी की टंकी से नीचे उतर गए।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
डालनवाला कोतवाली में दर्ज मुकदमे में ज्योति रौतेला और अन्य नर्सिंग अभ्यर्थियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 221, 223, 226, 292, 329(3) तथा पेट्रोलियम एक्ट की धारा 23 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिओम राज चौहान को सौंपी गई है।















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