छात्रों के आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर किया ऐलान, युवाओं के नाम लिखा संदेश
NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर जारी विवाद और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत संदेश जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
युवाओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं।
उन्होंने लिखा कि भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना उनका नैतिक संकल्प रहा है
और वे युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं तथा न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं।
NEET परीक्षा विवाद पर कही यह बात
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद
केंद्र सरकार ने तुरंत जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित कराई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराना थी,
जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन, अभिभावकों और विद्यार्थियों का सहयोग मिला।

परिणाम के बाद भी जारी रहा विरोध
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणामों में गरीब पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली।
इसके बावजूद कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
राष्ट्रहित में लिया इस्तीफे का फैसला
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है
ताकि देश में बना माहौल और अधिक न बिगड़े तथा राष्ट्र विरोधी ताकतें इसका फायदा न उठा सकें।
उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में न उलझे और वे अपनी पढ़ाई
तथा करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
साथ ही मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे भविष्य में भी देश, ओडिशा की जनता तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।















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