बुझाने गए युवक की दर्दनाक मौत
चमोली जिले में लगातार बढ़ रही जंगलों की आग अब गंभीर और जानलेवा रूप लेती जा रही है।
बिरही क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान जोशीमठ विकासखंड के पाखी गांव निवासी एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बिरही के पास जंगलों में आग लगने के बाद वन विभाग
की टीम मंगलवार शाम करीब 5 बजे से आग बुझाने के कार्य में जुटी हुई थी।
इसी दौरान पाखी गांव निवासी 44 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी आग की चपेट में आ गए और पहाड़ी क्षेत्र में गिर पड़े।
काफी देर तक जब उनका कोई पता नहीं चला, तो विभागीय कर्मचारियों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
इसके बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन शुरू की।
तलाशी के दौरान कर्मचारियों को राजेंद्र सिंह नेगी का मोबाइल फोन मिला, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा।
देर रात करीब 10 बजे विभागीय कर्मचारियों ने उनके भाई वीरेंद्र सिंह नेगी को घटना की सूचना दी और लापता होने की जानकारी साझा की।
बाद में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान राजेंद्र सिंह नेगी को मृत अवस्था में बरामद किया गया।
गांव में शोक, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद पाखी गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों में भी गहरा दुख और आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मुआवजा और नौकरी की मांग
परिजनों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि-
- मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल की आग बुझाने में लगे फायर वाचर और वन कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते।
इसी लापरवाही के कारण कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ रही है।















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