रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद : राहुल गांधी के बाद BJP का कांग्रेस पर पलटवार

खड़गे की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद, FIR की मांग से लेकर BJP के जवाब तक जानिए पूरा मामला

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम का विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है।

29 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार को घेरा।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की मांग की।

वहीं उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है।

शनिवार, 29 अगस्त को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने प्रेस वार्ता कर सरकार और पार्टी की ओर से जवाब दिया।

भाजपा ने शुद्धीकरण कार्यक्रम से किसी भी संबंध से किया इनकार

भाजपा और उत्तराखंड सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कार्यक्रम में किसी भाजपा कार्यकर्ता की भूमिका नहीं थी।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने और जातीय आधार पर समाज को बांटने का आरोप लगाया है।

केंद्र और राज्य स्तर पर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस इस विवाद के जरिए दलित समुदाय को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

खजान दास बोले- श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास का भाजपा से संबंध नहीं

देहरादून में प्रेस वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हो रहा है, उसका आयोजन एक सामाजिक संस्था ने किया था।

उन्होंने कहा कि संस्था के पदाधिकारियों ने स्वयं भाजपा से किसी राजनीतिक संबंध से इनकार किया है।

खजान दास ने कहा कि भाजपा का प्रयास हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण से जुड़े सवालों से बचने के लिए जातीय राजनीति को मुद्दा बना रही है।

खजान दास ने कांग्रेस से शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाना बंद करने की अपील की।

भाजपा बोली- कार्यक्रम के पीछे दलित विरोधी भावना नहीं

खजान दास के अनुसार, कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था ने दलित विरोधी भावना से किसी संबंध से इनकार किया है।

भाजपा नेताओं का दावा है कि कार्यक्रम के पीछे कांग्रेस की रैली में लगाए गए कथित धार्मिक नारों और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध था।

हालांकि कांग्रेस ने शुद्धीकरण कार्यक्रम को सामाजिक भेदभाव और दलित सम्मान के सवाल से जोड़ा है।

यही विरोधाभासी दावे अब इस पूरे राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं।

धार्मिक नारों को लेकर कांग्रेस से सवाल

खजान दास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक विवाद में बदलकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है।

उन्होंने रामलीला मंच से जुड़े कथित धार्मिक नारों के मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए।

भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को इस पूरे मामले में सभी पहलुओं पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

वहीं कांग्रेस लगातार शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है।

राहुल गांधी पर भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी के दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव संबंधी बयानों पर खजान दास ने कांग्रेस के इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर जवाब देना चाहिए।

खजान दास ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की चुनावी हार और उन्हें भारत रत्न दिए जाने के समय को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दलित प्रेम केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है।

यशपाल आर्य से जुड़े पुराने विवाद का भी किया जिक्र

खजान दास ने उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े एक पुराने विवाद का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से जुड़े घटनाक्रम को भी दलित सम्मान के कांग्रेस के दावों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चयनात्मक राजनीति करती है।

कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन राजनीतिक आरोपों पर अपनी अलग प्रतिक्रिया और जवाब सामने आता रहा है।

रुद्रपुर की कथित धमकी पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने रुद्रपुर में एक मौलाना की ओर से दी गई कथित धमकी के मुद्दे को भी उठाया।

खजान दास ने कांग्रेस से पूछा कि वह इस मामले पर खुलकर अपना रुख क्यों स्पष्ट नहीं कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे मामलों में स्पष्ट रूप से बोलने से बचती है।

हालांकि इन आरोपों और राजनीतिक दावों पर संबंधित पक्षों के अपने अलग-अलग तर्क हैं।

आखिर कैसे शुरू हुआ हल्द्वानी का शुद्धीकरण विवाद?

विवाद की शुरुआत हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के बाद हुई।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को यहां आयोजित पार्टी की जनसभा को संबोधित किया था।

इसके बाद रामलीला मैदान में शुद्धीकरण या हवन कार्यक्रम आयोजित किए जाने की खबर सामने आई।

कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित होने से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए।

मामला धीरे-धीरे उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन गया।

राहुल गांधी ने 29 अगस्त को उठाया मुद्दा

राहुल गांधी ने शनिवार को इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी और शुद्धीकरण को छुआछूत से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से FIR दर्ज कराने के लिए हस्तक्षेप करने की भी मांग की।

उन्होंने उत्तराखंड भाजपा नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और कांग्रेस अध्यक्ष के सम्मान का मुद्दा उठाया।

राहुल गांधी के बयान के बाद यह विवाद राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों में और तेज हो गया।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-madrasa-verification-new-rules-tasdeeqnama/
https://youtu.be/mkxRWaVVmdU?si=esKIYAvm8_3USZl-
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *