रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

भारत की सेना को मिलेगी Javelin मिसाइल

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आई थी डील, अमेरिकी राजदूत ने दी पुष्टि

भारतीय सेना की एंटी-टैंक क्षमता को जल्द बड़ी मजबूती मिलने वाली है।

अमेरिका ने भारत को Javelin एंटी-टैंक मिसाइल देने की डील की पुष्टि कर दी है।

भारत और अमेरिका के बीच इस रक्षा सौदे की चर्चा पिछले साल से चल रही थी।

अब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी पुष्टि की है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आई थी डील

भारत-अमेरिका के बीच Javelin मिसाइल और Excalibur प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड को लेकर बातचीत मई 2025 में सामने आई थी।

29 से 31 मई 2025 के बीच सिंगापुर में Shangri-La Dialogue का आयोजन हुआ था।

इसी दौरान भारत को अमेरिकी रक्षा प्रणालियां मिलने की जानकारी सामने आई थी।

नवंबर 2025 में अमेरिकी Defense Security Cooperation Agency यानी DSCA ने इस प्रस्ताव से जुड़ी जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी थी।

DSCA के अनुसार, प्रस्ताव में मिसाइलों के साथ लाइफसाइकिल सपोर्ट, ऑपरेटर ट्रेनिंग और अन्य जरूरी सहायता भी शामिल है।

Javelin क्यों है खास

Javelin एक पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे अमेरिकी कंपनियों Lockheed Martin और Raytheon ने विकसित किया है।

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘Fire and Forget’ सिस्टम है।

इसका मतलब है कि लक्ष्य लॉक होने के बाद मिसाइल खुद लक्ष्य का पीछा कर सकती है।

इससे मिसाइल दागने वाला सैनिक तुरंत अपनी स्थिति बदल सकता है। युद्ध के दौरान यह क्षमता सैनिकों को जवाबी हमले से बचने में मदद कर सकती है।

टैंक को ऊपर से निशाना बनाने की क्षमता

Javelin में टॉप-अटैक क्षमता इसे आधुनिक टैंकों के खिलाफ प्रभावी हथियार बनाती है।

इस मोड में मिसाइल लक्ष्य के ऊपर जाकर हमला करती है। इससे टैंक के अपेक्षाकृत कमजोर ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया जा सकता है।

मिसाइल में डायरेक्ट-अटैक क्षमता भी है। जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल अलग-अलग प्रकार के लक्ष्यों के खिलाफ किया जा सकता है।

इसका सॉफ्ट-लॉन्च सिस्टम भी इसकी महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल है। इसकी वजह से इसे सीमित जगहों से भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारतीय सेना को क्या फायदा होगा?

Javelin के शामिल होने से भारतीय सेना की पोर्टेबल एंटी-टैंक क्षमता मजबूत होगी। खासकर सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में ऐसी मिसाइलें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

भारत के सामने पश्चिमी और उत्तरी दोनों मोर्चों पर आधुनिक बख्तरबंद वाहनों से निपटने की चुनौती रहती है। ऐसे में आधुनिक एंटी-टैंक हथियार सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाते हैं।

Excalibur गोले भी सौदे का हिस्सा

Javelin के साथ भारत को Excalibur प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड भी मिलने हैं।

Excalibur को सटीक निशाना लगाने वाली तोप की गोलाबारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे लंबी दूरी से लक्ष्यों पर अधिक सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ती है।

अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, इस तरह के रक्षा सहयोग से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी।

Javelin की प्रमुख विशेषताएं

  • श्रेणी: एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
  • निर्माता: Lockheed Martin और Raytheon
  • सिस्टम: पोर्टेबल और कंधे से लॉन्च
  • वजन: लगभग 22 किलोग्राम
  • गाइडेंस: लक्ष्य लॉक करने के बाद स्वचालित मार्गदर्शन
  • प्रमुख क्षमता: टॉप-अटैक और डायरेक्ट-अटैक
  • खासियत: Fire-and-Forget सिस्टम
  • उपयोग: मुख्य रूप से बख्तरबंद और टैंक लक्ष्यों के खिलाफ

भारत को मिलने वाली Javelin मिसाइलें सेना की मौजूदा एंटी-टैंक क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण इजाफा मानी जा रही हैं। इसके साथ Excalibur सिस्टम मिलने से सटीक मारक क्षमता भी मजबूत होगी।

https://youtu.be/mkxRWaVVmdU?si=RAfu-X0DN1bAkmbH
https://regionalreporter.in/ukd-expels-ashutosh-negi-for-six-years-uttarakhand-politics/
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *