‘चंदा मॉडल’ का हिसाब मांगा
भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से इस्तीफे की पेशकश को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में नैतिक जिम्मेदारी की बात अब क्यों उठाई जा रही है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान चमोली ने चंदन सिंह जीना प्रकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस से कई सवाल पूछे।
उन्होंने कहा कि जीना को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का करीबी बताया जाता रहा है।
उनके यहां ईडी की कार्रवाई में नकदी, सोना, विदेशी मुद्रा और अन्य कीमती सामान मिलने की बात सामने आई है।
‘तब इस्तीफा क्यों नहीं दिया?’
विनोद चमोली ने सवाल उठाया कि यदि हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में नियुक्तियों
और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे, तो उस समय उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों की जांच उनके कार्यकाल में शुरू हुई, वे अचानक सामने आए मामले नहीं हैं।
भाजपा नेता के मुताबिक पहले जांच हुई, इसके बाद लीपापोती के आरोप लगे और बाद की जांच में भी गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई।
चमोली ने आरोप लगाया कि करीब नौ साल बाद ईडी की कार्रवाई के बीच इस्तीफे की पेशकश करना राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत को स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री रहते उनकी नैतिक जिम्मेदारी क्या थी और उस समय उन्होंने क्या कार्रवाई की।
कांग्रेस से ‘चंदा मॉडल’ का हिसाब मांगने की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने चंदन सिंह जीना के कथित बयान का भी जिक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि बरामद रकम को अलग-अलग लोगों की ओर से कांग्रेस पार्टी फंड के लिए दिए गए चंदे से जोड़कर बताया जा रहा है।
इसी को लेकर चमोली ने कांग्रेस पर कथित ‘चंदा मॉडल’ का आरोप लगाया।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया कि पार्टी फंड के नाम पर
किस व्यक्ति से कितना पैसा लिया गया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।
उन्होंने कांग्रेस से कथित चंदा व्यवस्था का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
कर्नाटक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
विनोद चमोली ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का एक जैसा पैटर्न दिखाई देता है।
उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस के एक मंत्री के परिवार से जुड़ी संपत्तियों और अफ्रीका में कारोबार को लेकर हुई ईडी कार्रवाई का भी जिक्र किया।
हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही होगी।
पेपर लीक और भर्ती को लेकर भी निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और नकल के मामलों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की और 200 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा।
चमोली ने कहा कि सरकार ने नकल विरोधी कानून बनाया है और करीब 37 हजार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से कराई गई हैं।
उनका दावा है कि जहां भी नकल या पेपर लीक की शिकायत सामने आई, वहां जांच कराई गई और किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया।
पुराने घोटालों का जिक्र, चुनाव पर भी दिया जवाब
विनोद चमोली ने मनमोहन सिंह सरकार के समय सामने आए घोटालों और एनडी तिवारी सरकार के दौरान
सामने आए कथित पटवारी और दरोगा भर्ती घोटालों का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उनमें से कुछ आज कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने हुए हैं।
कार्रवाई की टाइमिंग पर उठ रहे सवालों के जवाब में चमोली ने कहा कि चुनाव के कारण
अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती।
उन्होंने कहा कि चुनाव अपनी जगह हैं और कानून अपना काम करेगा।
भाजपा नेता ने इसी संदर्भ में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की पैरवी करते हुए कहा कि देश में लगातार चुनाव होते रहते हैं,
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि चुनाव के दौरान कानून अपना काम करना बंद कर दे।















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