AI और नई शिक्षण तकनीकों पर होगा फोकस
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के जवाहर नवोदय विद्यालयों के शिक्षक ले रहे भाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया कार्यक्रम
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में जवाहर नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए चार दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शुरू हो गया है।
विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और राष्ट्रीय नवोदय नेतृत्व संस्थान,
नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 2 से 5 नवंबर तक चलेगा।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने शिक्षकों के
व्यावसायिक विकास, भावनात्मक जुड़ाव और संस्थागत अपनत्व के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बदलती शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धतियों और दक्षताओं में लगातार सुधार करना होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण के समन्वय से दक्ष शिक्षक तैयार करने की आवश्यकता है।
गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं,
बल्कि राष्ट्र निर्माण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने शिक्षण में तकनीकी दक्षता, नवाचार और व्यावहारिक कौशल को शामिल करने पर जोर दिया।

AI, डिजिटल लर्निंग और नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण
कार्यक्रम की समन्वयक एवं IQAC की उपनिदेशक प्रो. सीमा धवन ने बताया कि प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा
नीति-2020 के अनुरूप सतत व्यावसायिक विकास की अवधारणा पर आधारित है।
इसमें राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF), दक्षता आधारित शिक्षण, राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (NPST),
राष्ट्रीय मेंटरिंग मिशन (NMM), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अनुभवात्मक शिक्षण और डिजिटल लर्निंग जैसे विषय शामिल किए गए हैं।

पहले तकनीकी सत्र में SCERT उत्तराखंड के विशेषज्ञ प्रदीप रावत ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा,
दक्षता आधारित अधिगम और अधिगम प्रतिफल पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने मातृभाषा, तकनीक, खेल आधारित शिक्षण और सतत आकलन के महत्व को समझाया।
अन्य सत्रों में डॉ. ऋषभ कुमार मिश्रा ने शिक्षक दक्षता एवं शिक्षणशास्त्र और प्रो. रवनीत कौर ने शिक्षण से जुड़े विषयों पर सत्र संचालित किए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शिक्षाविद् और नवोदय विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अनु राही ने किया।

















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