परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
28 जून को गांव कर रहा था सांसद का इंतजार
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर ब्लॉक स्थित देवल गांव में 28 जून को सांसद चंद्रशेखर आजाद के पहुंचने की तैयारी पूरी हो चुकी
थी। तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सुबह करीब 11:30 बजे दिवंगत केतन लाल के परिजनों से मुलाकात करनी थी। गांव में
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, शुभचिंतक और परिजन उनके इंतजार में मौजूद थे।
हरिद्वार में रोके जाने की खबर से छा गई मायूसी
इसी बीच सूचना मिली कि प्रशासन ने सांसद चंद्रशेखर को हरिद्वार में ही रोक दिया है, जिसके बाद देवल गांव का माहौल
अचानक बदल गया। वहां मौजूद लोगों में निराशा और मायूसी छा गई। केतन लाल के परिजनों और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि
सांसद उनके बीच पहुंचकर उनकी बात सुनेंगे, लेकिन कार्यक्रम टलने की खबर से सभी निराश नजर आए।
परिजनों ने जताई नाराजगी
रीजनल रिपोर्टर की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लिया। परिजनों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी
जताई। केतन लाल की दादी, पिता धनपाल लाल और अन्य परिजनों ने कहा कि एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से
मिलने से रोकना उचित नहीं था। उनका कहना था कि इससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
दो दिन बाद देवल पहुंचे सांसद चंद्रशेखर
इसके बाद प्रशासन की अनुमति मिलने पर सांसद चंद्रशेखर आजाद देवल गांव पहुंचे और केतन लाल के परिजनों से मुलाकात
की। उन्होंने परिवार का दुख साझा करते हुए उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ने का किया वादा
सांसद चंद्रशेखर ने परिजनों से कहा कि वे इस मामले को सड़क से लेकर संसद तक उठाएंगे।
उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
न्याय की उम्मीद लेकर लौटे ग्रामीण
सांसद के गांव पहुंचने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगी।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई है।
अब सभी की नजर प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.














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