FCRA समेत 6 अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
संसद का मानसून सत्र 2026 20 जुलाई से शुरू हो गया है।
13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी,
जबकि विपक्ष भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले, नीट पेपर लीक, एथनॉल ब्लेंडिंग समेत कई जनहित के मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करने की भी संभावना है।
BAC बैठक में तय हुआ विधायी एजेंडा
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक हुई।
इसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की।
लोकसभा अध्यक्ष ने सभी सांसदों से रचनात्मक बहस, सार्थक भागीदारी और संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।
इन 6 विधेयकों पर होगी चर्चा
बैठक में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया है।
- विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA) – 4 घंटे
- आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 – 4 घंटे
- सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक – 4 घंटे
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक – 4 घंटे
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक – 4 घंटे
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक – 5 घंटे
सर्वदलीय बैठक में हुई रणनीति पर चर्चा
मानसून सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई।
इसमें मंत्रियों सहित 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने हिस्सा लिया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि सत्र का विधायी एजेंडा पहले ही संसद के दोनों सदनों के सचिवालय द्वारा जारी किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि 25 दिनों के इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी।
कांग्रेस सांसदों ने दिए नोटिस
सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नए एंटी-डिफेक्शन कानून के नियमों पर
चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) का नोटिस दिया।
वहीं, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा कराने के लिए राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया है।
सपा ने विरोध मार्च पर रखा सस्पेंस
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने विपक्ष के प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर कहा कि अभी तक
संसदीय दल का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्णय के बाद ही आगे की रणनीति स्पष्ट होगी।
संसद के इस मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिल सकती है।
साथ ही, जनहित से जुड़े कई अहम विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
















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