सीमांत जिले पिथौरागढ़ में प्रसिद्ध मोस्टामानू मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इस वर्ष मेला 14 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
छह पट्टी सोर के आराध्य देव भगवान मोस्टा देवता के मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस मेले का मुख्य आयोजन 15 सितंबर को होगा।
आयोजन समिति के अनुसार, इसी दिन भगवान मोस्टा देवता की डोला यात्रा निकाली जाएगी।
14 सितंबर को होगा मेले का उद्घाटन
मेला समिति के अनुसार, छह दिवसीय मेले का औपचारिक उद्घाटन 14 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को मुख्य मेला आयोजित होगा।
मेले में स्थानीय कलाकारों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक दलों को भी आमंत्रित किया गया है।
स्थानीय विद्यालयों और क्षेत्र के गांवों के बुजुर्गों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
मोस्टा देवता की डोला यात्रा रहेगी आकर्षण
मोस्टामानू मेले का सबसे प्रमुख आकर्षण भगवान मोस्टा देवता की डोला यात्रा होती है।
आकाशवाणी की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, ऋषि पंचमी के अवसर पर मोस्टा देवता और मां महाकाली का डोला निकालने की परंपरा रही है। डोला यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के अनुसार, मोस्टामानू मेला अगस्त-सितंबर में आयोजित होने वाला क्षेत्र का प्रमुख मेला है।
मोस्टामानू मंदिर पिथौरागढ़ शहर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित है और भगवान मोस्टा को क्षेत्र का प्रमुख देवता माना जाता है।
लोक संस्कृति और परंपरा का संगम
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय परंपराओं और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन समिति ने मेले की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन भी किया है।
मोस्टामानू मेले को धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के उत्सव पोर्टल के अनुसार भी मेले की प्रमुख परंपराओं में भगवान मोस्टा की डोला यात्रा शामिल है।















Leave a Reply