अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस और “नशामुक्त भारत पखवाड़ा” के समापन अवसर पर पुलिस द्वारा
जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए
नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
युवाओं और छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश
अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए
गए। पुलिस टीमों ने युवाओं, छात्रों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते
हुए शिक्षा, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया।

नशामुक्त समाज के निर्माण की दिलाई शपथ
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और राष्ट्रहित में
अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही बताया गया कि नशा व्यक्ति, परिवार और
समाज के विकास में गंभीर बाधा बनता है।
हेल्पलाइन नंबर और उपचार सेवाओं की दी जानकारी
अभियान के दौरान लोगों को भारत सरकार की नेशनल टोल फ्री डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 14446 की जानकारी दी गई।
नशे से प्रभावित लोगों को समय रहते परामर्श और उपचार लेने के लिए प्रेरित किया गया तथा सहायता सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
मादक पदार्थों की सूचना पुलिस को देने की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों का सेवन, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो
इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने में आम नागरिकों की
भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
















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