धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ने मंजूर किया इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी ने कहा- पूरी निष्ठा से निभाऊंगा जिम्मेदारी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
इस्तीफा मंजूर होने के कुछ ही घंटों बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई।
उन्होंने कहा कि वह इस दायित्व को कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करते हैं
और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
कर्नाटक दौरे से लौटकर पहुंचे दिल्ली
प्रह्लाद जोशी उस समय अपने संसदीय क्षेत्र धारवाड़ (कर्नाटक) में एक कार्यक्रम में शामिल थे।
उन्हें नई दिल्ली से फोन पर अतिरिक्त प्रभार की जानकारी दी गई, जिसके बाद वह शनिवार शाम दिल्ली पहुंच गए और नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी शुरू कर दी।
2004 से लगातार सांसद हैं प्रह्लाद जोशी
64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी वर्ष 2004 से कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वह लगातार छह बार सांसद चुने जा चुके हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
कई अहम मंत्रालयों की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में प्रह्लाद जोशी ने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।
वर्तमान में वह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार देख रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है।
धारवाड़ से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर्नाटक के धारवाड़ से की थी।
वर्ष 1995 से 1998 तक वह भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1998 से 2003 तक जिला महासचिव के रूप में काम किया।
वर्ष 2004 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से वह लगातार संसद में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।















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