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42 शहादतों वाला उत्तराखंड क्या यही था: सरस्वती देवी

श्रीनगर में सरस्वती देवी का सरकार पर बड़ा सवाल, 9 मांगों को लेकर बैठक आहूत

रविवार, 5 अप्रैल 2026 को श्रीनगर गढ़वाल के पीपल चौरी चौराहे पर मानव चेतना केंद्र की सरस्वती देवी ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक आहूत की गई।

बैठक के दौरान उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि 42 शहादतों से बने उत्तराखंड का सपना आज धुंधला पड़ता दिख रहा है।

“शहीदों के सपनों वाला उत्तराखंड कहीं नहीं दिखता”

सरस्वती देवी ने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य के लिए 42 लोगों ने शहादत दी थी।

उन शहीदों ने जिस उत्तराखंड का सपना देखा था, वह आज नजर नहीं आता।

उन्होंने कहा कि विकास के दावे बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आम जनता के सामने है।

इन 9 मुद्दों पर सरकार को घेरा

धरने के दौरान सरस्वती देवी ने जनसरोकार से जुड़े 9 बड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि ये सिर्फ मांगें नहीं, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की पीड़ा हैं।

1. बेरोजगारी पर रोक:
युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
खाली सरकारी पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

2. महंगाई पर नियंत्रण:
रोजमर्रा की जरूरतों, राशन, गैस और परिवहन खर्च में राहत दी जाए।
लगातार बढ़ती कीमतों पर सरकार ठोस कदम उठाए।

3. स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार:
सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और जांच सुविधाएं बढ़ाई जाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति करें।
पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए।

4. चिटफंड घोटाले के पीड़ितों को न्याय:
घोटाले में फंसे लोगों की जमा पूंजी वापस दिलाई जाए।
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

5. निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण:
स्कूलों की मनमानी फीस और बस किराए पर रोक लगाई जाए।
शिक्षा को आम परिवारों की पहुंच में रखा जाए।

6. गैस संकट का समाधान:
घरेलू गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सिलेंडर की बढ़ती कीमतों में राहत दी जाए।

7. युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान:
नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई हो।
गांव-शहर में जागरूकता और पुनर्वास अभियान चलाए जाएं।

8. बिजली-पानी के महंगे बिलों से राहत:
उत्तराखंड जैसे बिजली उत्पादन राज्य में जनता को सस्ती बिजली मिले।
पानी और बिजली बिलों में राहत योजना लाई जाए।

9. पेपर लीक घोटाले पर सख्त कार्रवाई:
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
दोषियों को कड़ी सजा देकर युवाओं के भविष्य की रक्षा की जाए।

सरस्वती देवी ने कहा कि जनता को सरकार से पूछना चाहिए कि हमारे हिस्से का विकास आखिर कहां गया।

“चार साल में सिर्फ मंत्री बदले, व्यवस्था नहीं”

सरस्वती देवी ने कहा कि पिछले चार साल में सिर्फ मंत्रियों की अदला-बदली होती रही।

लेकिन आम जनता के जीवन में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया।

उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में लगातार बदलाव पर भी सवाल उठाए।

स्कूल फीस और बस किराए पर बड़ा सवाल

उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर नाराजगी जताई।

सरस्वती देवी ने कहा कि 1 किलोमीटर दूरी के लिए 2200 रुपये बस शुल्क लेना सरासर गलत है।

उन्होंने मांग की कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं, भविष्य निर्माण के रूप में देखा जाए।

रोजगार और युवाओं के भविष्य पर चिंता

धरने में खाली स्कूलों में गेस्ट टीचर भर्ती की मांग भी उठी।

उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और बच्चों की पढ़ाई में रुकावट नहीं आएगी।

सरकार और विपक्ष दोनों पर निशाना

सरस्वती देवी ने सरकार के साथ विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष जनता के मुद्दे सही ढंग से उठाता, तो सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती।

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