सोनम वांगचुक का अनशन 17वें दिन पहुंचा, 20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी तेज
परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के
इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा।
आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन भी 17वें दिन में पहुंच गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई औपचारिक वार्ता शुरू नहीं हुई है।
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य कमजोर हुआ है।
आयोजकों का दावा है कि उनका वजन काफी कम हो चुका है और शरीर में कमजोरी बढ़ रही है।
इसके बावजूद उन्होंने अनशन समाप्त करने से इनकार करते हुए कहा है कि समाधान का रास्ता सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से ही निकलेगा।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
CJP ने घोषणा की है कि 20 जुलाई, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।
संगठन का कहना है कि इस मार्च का उद्देश्य छात्रों की मांगों को संसद तक पहुंचाना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग को मजबूत करना है।
इस मार्च में सोनम वांगचुक के भी शामिल होने की योजना है।
भागीदारी के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
मार्च की तैयारियों के तहत CJP ने 7011670115 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
संगठन ने इच्छुक छात्रों, युवाओं और नागरिकों से इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपनी भागीदारी दर्ज कराने की अपील की है, ताकि मार्च की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जा सकें।
भारतीय किसान यूनियन ने भी दिया समर्थन
मंगलवार को आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) का भी समर्थन मिला।
बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई।
संगठन ने 20 जुलाई के संसद मार्च में किसानों और नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 21 जुलाई को भारत बचाओ मोर्चा के बैनर तले किसान भी संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च करेंगे।















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