उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय जल्द ही आकार लेने जा रहा है।
विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 123 पदों का ढांचा तैयार किया गया है,
जिसे मंजूरी के लिए आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
मंजूरी मिलते ही विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक और तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अगस्त में होगा शिलान्यास
राज्य सरकार हल्द्वानी के गौलापार में बनने वाले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास 29 अगस्त (राष्ट्रीय खेल दिवस) पर कराने
की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्थायी भवन बनने से पहले ही
उपलब्ध संसाधनों के साथ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की योजना है।
शुरुआती चरण में चार प्रमुख कोर्स
विश्वविद्यालय में पहले चरण में खेलों से जुड़े चार प्रमुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं-
- स्पोर्ट्स साइंस
- स्पोर्ट्स मैनेजमेंट
- स्पोर्ट्स जर्नलिज्म
- बीएससी स्पोर्ट्स
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रबंधन, खेल विज्ञान और खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में भी विशेषज्ञ तैयार करना है।
123 पदों पर होगी भर्ती
प्रस्तावित 123 पदों में शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कोच, असिस्टेंट कोच और खेल प्रशिक्षण से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों
के पद शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य विश्वविद्यालय को केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि खेल प्रशिक्षण, अनुसंधान
और खेल विज्ञान का प्रमुख केंद्र बनाना है।
कैबिनेट मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया
खेल निदेशक दीप्ति सिंह के अनुसार, 123 पदों के ढांचे को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी
जाएगी। इससे विश्वविद्यालय के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
गौलापार को इसलिए चुना गया
शुरुआत में खेल विश्वविद्यालय के लिए देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज पर भी विचार किया गया था,
लेकिन बाद में गौलापार को अंतिम रूप दिया गया। यहां पहले से मौजूद खेल अवसंरचना और आधुनिक सुविधाओं को देखते हुए इस स्थान का चयन किया गया।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
सरकार की योजना खेल विश्वविद्यालय को राज्य में खेल प्रतिभाओं के विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की है।
यहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस और शोध की सुविधाएं मिलेंगी।
साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर रहेगा।















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