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निवेश स्कीम और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तीन लोगों से करोड़ों की ठगी

साइबर ठगी के नए हथकंडे

प्रदेश में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों की भरोसे

और भय का फायदा उठाते हुए बड़ी रकम पर हाथ साफ किया है।

अलग-अलग स्थानों पर सामने आए तीन मामलों में ठगों ने कभी ऑनलाइन निवेश का लालच

तो कभी डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर एक व्यापारी, एक इंजीनियर और एक बुजुर्ग को निशाना बनाया।

तीनों मामलों में कुल मिलाकर दो करोड़ से अधिक रुपये की ठगी सामने आई है।

सभी प्रकरणों में साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

सोशल मीडिया दोस्ती से शुरू हुई 99 लाख की ठगी

पहला मामला टिहरी जनपद के एक व्यापारी का है।

पीड़ित के अनुसार, अक्टूबर माह में सोशल मीडिया के जरिए एक महिला से संपर्क हुआ।

बातचीत धीरे-धीरे व्हाट्सएप तक पहुंची।

कुछ समय बाद महिला ने ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाने का प्रस्ताव रखा और एक लिंक के माध्यम से पंजीकरण करवाया।

शुरुआत में कम राशि पर लाभ दिखाकर भरोसा जीता गया।

इसके बाद अलग-अलग खातों में लगातार रकम ट्रांसफर करवाई गई।

नवंबर से दिसंबर के बीच व्यापारी से 99 लाख 21 हजार रुपये जमा करवा लिए गए।

जब पीड़ित ने पैसा निकालने की कोशिश की तो नई-नई शर्तें रखी गईं और अंततः संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया।

निवेश कंपनी के नाम पर इंजीनियर से 90 लाख की ठगी

दूसरा मामला हरिद्वार के शांतिकुंज क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर आदित्य कुमार से जुड़ा है।

पीड़ित ने बताया कि सितंबर में एक व्यक्ति ने खुद को निजी कंपनी का साझेदार बताकर निवेश का ऑफर दिया।

शुरुआत में छोटे कार्यों पर मुनाफा दिखाया गया।

बाद में प्रशिक्षण शुल्क, टैक्स और अन्य बहानों से बड़ी रकम जमा करवाई गई।

जब इंजीनियर ने अपनी राशि निकालनी चाही, तो अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई।

कुल मिलाकर ठगों ने 90.78 लाख रुपये की ठगी कर ली और फिर संपर्क तोड़ दिया।

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग से 68 लाख

तीसरा मामला रायपुर क्षेत्र के 85 वर्षीय व्यवसायी का है।

उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को BSNL का कर्मचारी बताया। इसके बाद कॉल को मुंबई क्राइम ब्रांच और फिर CBI अधिकारी से जोड़ दिया गया।

आधार कार्ड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की धमकी दी गई।

मानसिक दबाव में आकर बुजुर्ग ने अलग-अलग खातों में 68 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

बाद में फर्जी दस्तावेज भेजे गए और संपर्क समाप्त हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी

साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि तीनों मामलों में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ

मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, निवेश लिंक या

सरकारी एजेंसी के नाम पर दी जाने वाली धमकियों से सतर्क रहें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

https://regionalreporter.in/an-independent-monitoring-committee-has-been-formed-in-pithoragarh/
https://youtu.be/4FSuGCTbzEE?si=SRIUTxbn5oz8CrXL
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