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वीआईपी के सवाल पर मंत्री सुबोध उनियाल का बयान

अंकिता केस: वीआईपी रहस्य पर फिर सियासी टकराव

विपक्ष ने उठाए नए सवाल

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड केंद्र में आ गया है।

दोषियों को सजा मिलने के बावजूद, घटना वाले दिन वनंत्रा रिजॉर्ट में

मौजूद कथित वीआईपी को लेकर उठते सवालों ने माहौल गरमा दिया है।

हालिया वायरल वीडियो और विपक्ष के आरोपों के बीच सरकार की ओर से

मंत्री सुबोध उनियाल ने सामने आकर तीखा जवाब दिया है।

मंत्री का रुख: जांच से नहीं भागेगी सरकार

पत्रकारों से बातचीत में सुबोध उनियाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि

यदि किसी के पास वीआईपी से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे सामने लाया जाए।

उनका कहना था कि इस मामले की एसआईटी जांच को न केवल निचली अदालत,

बल्कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहराया जा चुका है।

ऐसे में बिना सबूत केवल आरोप लगाना न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने जैसा है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

पूरा विवाद उस समय दोबारा भड़का, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ।

यह वीडियो भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी का बताया जा रहा है।

वीडियो में महिला ने हत्याकांड के दिन रिजॉर्ट में एक प्रभावशाली व्यक्ति की मौजूदगी का दावा किया,

जिसे उसने “वीआईपी गट्टू” कहा। इसी दावे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई।

कांग्रेस का हमला: सरकार पर दबाने का आरोप

कांग्रेस ने वीडियो सामने आते ही सरकार को घेर लिया।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही इस मामले के संवेदनशील पहलुओं को सामने आने से रोकती रही है।

कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए,

ताकि वीआईपी की भूमिका साफ हो सके।

बीजेपी का पलटवार: राजनीति से दूर रखें मामला

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को चुनावी राजनीति करार दिया।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर अपुष्ट वीडियो के आधार पर भ्रम फैला रही है।

उनका कहना है कि यदि विपक्ष के पास किसी वीआईपी से जुड़ी जानकारी है,

तो उसे जांच एजेंसियों के सामने रखना चाहिए, न कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल बनाना चाहिए।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

  • 18 सितंबर 2022: वनंत्रा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या
  • शव को चीला शक्ति नहर में फेंका गया, बाद में बरामद
  • एसआईटी जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल
  • मुख्य आरोपी पुलकित आर्य सहित तीनों दोषियों को उम्रकैद

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया था, कि अंकिता ने हत्या से पहले अपने मित्र को रिजॉर्ट में एक “बड़े व्यक्ति” के आने की जानकारी दी थी, लेकिन उसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है।

https://regionalreporter.in/fraud-worth-millions-in-the-name-of-investment-and-digital-arrest/
https://youtu.be/4FSuGCTbzEE?si=SRIUTxbn5oz8CrXL
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