गैरसैंण में व्यापक असर
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग, कई जिलों में बंद तो कई जगह सामान्य जनजीवन
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने
और कथित वीआईपी की भूमिका की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में
सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर आज कांग्रेस समेत
विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया।
बंद का असर राज्य के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से देखने को मिला, जबकि कई शहरों में जनजीवन सामान्य रहा।

गैरसैंण में बंद का व्यापक प्रभाव
प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बंद का सबसे अधिक असर देखने को मिला।
व्यापार संघों और टैक्सी यूनियनों ने बंद को समर्थन दिया, जिससे बाजार पूरी तरह बंद रहे और टैक्सी सेवाएं ठप रहीं।
गैरसैंण व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, मेहलचौरी के मोहन सिंह नेगी, माईथान के संजय पुंडीर,
आगरचट्टी के विजय रावत, पांडुवाखाल के राम सिंह नेगी और नागाचूलाखाल
के गोविंद सिंह मटकोटी ने संयुक्त रूप से बाजार बंद रखने की घोषणा की।
रामगंगा टैक्सी यूनियन गैरसैंण के अध्यक्ष मनमोहन परसारा ने बताया कि बंद के समर्थन में यूनियन की सभी 150 टैक्सियों के पहिए जाम रखे गए।

व्यापार प्रतिनिधिमंडल का समर्थन
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं गढ़वाल प्रभारी सुरेश कुमार बिष्ट ने
व्यापारियों से बंद में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच
की संस्तुति के बावजूद अंकिता के माता-पिता की मांग है कि जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बंद पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य केवल अंकिता भंडारी को शीघ्र न्याय दिलाना है।
श्रीनगर और पौड़ी में पूर्ण बंद
बंद का असर श्रीनगर और पौड़ी में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
सुबह 12 बजे तक बाजार पूरी तरह बंद रहे। हालांकि आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत मेडिकल स्टोर खुले रहे, जबकि शराब की दुकानें संचालित होती रहीं।
तमाम जनसंगठनों ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर पूरे बाजार क्षेत्र तक रैली निकाली।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” जैसे नारों के साथ श्रीनगर बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया।
जनआंदोलनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग उठाई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
रैली के चलते कुछ समय के लिए श्रीनगर बाजार क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही, जबकि माहौल पूरी तरह से आक्रोशपूर्ण और संवेदनशील बना रहा।
यह रैली अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहे राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा रही।
कोटद्वार में मिला-जुला असर
कोटद्वार में बंद का असर आंशिक रहा। शहर के मुख्य इलाकों में कुछ दुकानें खुली रहीं,
जबकि अन्य स्थानों पर व्यापारिक गतिविधियां बंद रहीं।
उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने व्यापारियों से बंद में सहयोग की अपील की।
बड़े शहरों में सामान्य स्थिति
देहरादून, रुड़की, मसूरी, हल्द्वानी, खटीमा और काशीपुर में बंद का कोई खास असर नहीं दिखा।
कई व्यापार मंडलों ने स्पष्ट किया कि वे बंद के पक्ष में नहीं हैं।
पुलिस प्रशासन अलर्ट
गढ़वाल रेंज आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि बंद को देखते हुए प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
वहीं देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने चेतावनी दी कि जबरन बाजार बंद कराने या सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने शांतिपूर्ण तरीके से बंद को समर्थन देने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार के लालढांग में निकाली गई न्याय यात्रा के दौरान कहा कि
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी के बिना सीबीआई जांच अधूरी रहेगी।
विधायक अनुपमा रावत ने भी सरकार की संस्तुति को नाकाफी बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, हिरासत
हरिद्वार में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
उनकी मांग है कि अंकिता भंडारी मामले की जांच केवल सीबीआई से नहीं,
बल्कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए।

















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