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सरोकारों से साक्षात्कार

गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों की लॉटरी प्रणाली का विरोध तेज

स्थानीय व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

24 घंटे में आदेश निरस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी

गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों के लॉटरी के माध्यम से आवंटन के फैसले का

स्थानीय व्यापारियों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया है।

इस मुद्दे को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यापारियों ने जिला प्रशासन के निर्णय को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

बैठक में उमड़ा आक्रोश, निर्णय को बताया अनुचित

ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।

सभी ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोग ही कच्ची दुकानों का संचालन करते आ रहे हैं।

इससे न केवल उनकी आजीविका चलती है, बल्कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलती हैं।

व्यापारियों का आरोप है कि इस बार प्रशासन द्वारा लॉटरी प्रणाली लागू करना स्थानीय लोगों के हितों के खिलाफ है।

उनका कहना है कि इस व्यवस्था से कई पुराने और अनुभवी व्यापारी दुकान आवंटन से वंचित हो सकते हैं।

रोजगार पर संकट, बढ़ेगा असंतोष

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि लॉटरी प्रणाली लागू की गई तो इससे स्थानीय व्यापारियों

की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र में अधिकांश लोगों की आय का मुख्य स्रोत यात्रा सीजन ही होता है।

ऐसे में इस तरह का निर्णय क्षेत्र में असंतोष को जन्म दे सकता है।

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

बैठक के बाद व्यापारियों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में मांग की गई है कि कच्ची दुकानों का आवंटन पूर्व वर्षों की तरह स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देते हुए किया जाए और लॉटरी प्रणाली के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।

24 घंटे की चेतावनी, नहीं माने तो आंदोलन

व्यापारियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर निर्णय वापस नहीं लिया गया,

तो मंगलवार से तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

जनप्रतिनिधियों और संगठनों का मिला समर्थन

बैठक में पूर्व विधायक मनोज रावत, क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि

और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

सभी ने स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का समर्थन किया।

https://regionalreporter.in/jyoti-aur-harshita-ki-sanvedna/
https://youtu.be/6EIFlgph-dU?si=SxkAIH0vXomnCs1m
लक्ष्मण सिंह नेगी
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