डिजिटल जनगणना शुरू, खुद भरें 33 सवाल
देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराई जा रही है। उत्तराखंड में इसकी शुरुआत 10 अप्रैल से होगी और 24 अप्रैल तक यह प्रक्रिया चलेगी।
पहली बार ऐप से खुद भरनी होगी जानकारी
इस बार जनगणना में ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की व्यवस्था की गई है।
लोग मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए खुद अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे।
एप में कुल 33 सवाल होंगे, जिनका जवाब देना अनिवार्य होगा।
घर, परिवार और सुविधाओं से जुड़े सवाल
जनगणना के दौरान लोगों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी जाएंगी-
- मकान की स्थिति और निर्माण सामग्री
- परिवार के सदस्यों की संख्या
- मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग
- पानी, बिजली, शौचालय, रसोई और गैस कनेक्शन
इसके साथ ही घर में मौजूद टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप और अन्य उपकरणों की जानकारी भी देनी होगी।
वाहन और खानपान की जानकारी भी शामिल
इस बार जनगणना में तकनीकी और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी पर भी खास फोकस किया गया है।
- साइकिल, बाइक, कार जैसे वाहनों की जानकारी
- परिवार के खानपान से जुड़ी जानकारी
भी एप्लीकेशन के माध्यम से भरनी होगी।
बाद में होगा भौतिक सत्यापन
एप में दी गई जानकारी सीधे सिस्टम में अपलोड होगी। इसके बाद जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर इसका भौतिक सत्यापन करेंगे।
जरूरत पड़ने पर दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं, जिससे डेटा पूरी तरह सटीक और पारदर्शी रहे।
कर्मचारियों को दी गई ट्रेनिंग
जनगणना सचिव दीपक गैरोला के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
एक अधिकारी को करीब एक महीने में 800 घरों का सर्वे पूरा करना होगा।
देशभर में 2027 में होगी मुख्य जनगणना
देशभर में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में शुरू होगी। हालांकि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम को देखते हुए यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में पहले कराई जा सकती है।
डिजिटल सिस्टम से मिलेगा सटीक डेटा
डिजिटल जनगणना के जरिए सरकार को देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन मिलेगा।
इससे भविष्य की योजनाएं और नीतियां बेहतर तरीके से तैयार की जा सकेंगी।

















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