139 साल के इतिहास में गढ़वाल राइफल्स से फोर स्टार जनरल बनने वाले पहले अधिकारी, लैंसडौन और पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण
वीर सैनिकों की भूमि Uttarakhand को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित होने का अवसर मिला है।
Garhwal Rifles से लंबे समय तक जुड़े रहे Lieutenant General N. S. Raja Subramani (सेवानिवृत्त)
को देश का नया Chief of Defence Staff (CDS) नियुक्त किया गया है।
उनकी नियुक्ति से Garhwal Rifles Regimental Centre सहित पूरे राज्य में खुशी और गर्व का माहौल है।
गढ़वाल राइफल्स के इतिहास में पहली बार मिला यह गौरव
गढ़वाल राइफल्स के 139 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब रेजिमेंट से जुड़े किसी अधिकारी ने फोर स्टार जनरल का पद प्राप्त किया है।
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं,
बल्कि रेजिमेंट की उत्कृष्ट परंपरा, अनुशासन और वीरता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
गढ़वाल राइफल्स और लैंसडौन से रहा गहरा जुड़ाव
यद्यपि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी नहीं हैं,
लेकिन उनका गहरा संबंध गढ़वाल राइफल्स और Lansdowne स्थित रेजिमेंटल सेंटर से रहा है।
वे 24 अप्रैल 2022 से 27 जून 2025 तक गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के 22वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट रहे।
इस दौरान उन्होंने आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और सैनिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
40 वर्षों का शानदार सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि ने 14 दिसंबर 1985 को आठवीं गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था।
लगभग चार दशकों की सेवा में उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स, 168 इन्फेंट्री ब्रिगेड,
17 माउंटेन डिवीजन, यूबी एरिया और दो कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों का सफल नेतृत्व किया।
वे जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना उप प्रमुख के पद पर भी रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
लगातार तीसरी बार CDS पद से जुड़ा उत्तराखंड
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि भारत के पहले CDS Bipin Rawat
और दूसरे CDS Anil Chauhan भी मूल रूप से उत्तराखंड के Pauri Garhwal जिले से जुड़े रहे हैं।
ऐसे में लगातार तीसरी बार CDS पद का गढ़वाल रेजिमेंट और उत्तराखंड से जुड़ना राज्य के लिए गर्व का विषय बन गया है।
रेजिमेंट के लिए ऐतिहासिक क्षण
गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट Brigadier Vinod Singh Negi ने इसे
ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सम्मान रेजिमेंट के हर “वीर भुल्ला” के त्याग, परंपरा और समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
उत्तराखंड के लिए गौरव और प्रेरणा
उत्तराखंड लंबे समय से भारतीय सेना में अपने योगदान के लिए जाना जाता रहा है।
एनएस राजा सुब्रमणि की नियुक्ति ने एक बार फिर साबित किया है कि गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली परंपरा देश की सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभाती रही है।
यह उपलब्धि न केवल सेना बल्कि पूरे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।















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