NIT निर्माण कंपनी की मनमानी पर खनन विभाग का कड़ा एक्शन
गंगा असनोडा
श्रीनगर में NIT कैंपस के निर्माण से निकली मिट्टी की अवैध डंपिंग मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
₹5,24,44,800 (पांच करोड़ चौबीस लाख से अधिक) का भारी-भरकम जुर्माना निर्माणदायी संस्था ‘सैम इंडिया’ पर ठोका गया है।
यह कार्रवाई भाजपा नेता सुधीर जोशी और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा 3 महीने पहले किए गए बड़े आंदोलन की बड़ी जीत मानी जा रही है।

अनुमति से 3 गुना ज्यादा फेंका मलबा
खनन विभाग की जांच में साफ हुआ है कि कंपनी ने डंपिंग जोन के नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
जितना मलबा डंप करने की परमिशन मिली थी, कंपनी ने उससे तीन गुना ज्यादा (कुल 2,18,520 घन मीटर) मिट्टी अवैध रूप से सरकारी जमीन और चरागाहों पर डंप कर दी।
इसी उल्लंघन के कारण विभाग ने रॉयल्टी का 3 गुना जुर्माना वसूलने का नोटिस जारी किया है।
आंदोलन और मीडिया के सवालों पर कंपनी ने बोला था झूठ
करीब 3 महीने पहले जब ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा को लेकर डंपिंग रुकवाई थी, तब कंपनी के अफसरों ने मीडिया और Regional Reporter के सामने दावा किया था
कि उनके पास वैध अनुमति है। लेकिन खनन विभाग के इस ताज़ा नोटिस ने कंपनी के दावों की पोल खोल दी है
और साबित कर दिया है कि डंपिंग जोन के नाम पर नियमों को ताक पर रखा गया था।

ग्रामीणों की जीत: आपदा के खतरे पर लगी मुहर
ग्रामीणों का लगातार यह आरोप था कि अवैध रूप से खड़ा किया गया मलबे का यह पहाड़ कभी भी उनके गांव के लिए बड़ी आपदा बन सकता है।
विभाग के इस जुर्माने ने ग्रामीणों की आशंकाओं को सही साबित कर दिया है। विभाग ने कंपनी को एक सप्ताह का समय दिया है। यदि जुर्माने की यह भारी-भरकम राशि जमा नहीं की जाती, तो भू-राजस्व की तरह सख्ती से वसूली की जाएगी















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