अभी पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं
150 पेज के प्रश्न बैंक के 410 सवालों की जांच, 13 संदिग्धों से पूछताछ; करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल
NEET UG 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में Rajasthan Police Special Operations Group (SOG)
ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही है।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा से लगभग 15 दिन से एक महीने पहले तक 150 पेज का एक
तथाकथित “गेस पेपर” छात्रों के बीच प्रसारित हो रहा था।
इस दस्तावेज़ में लगभग 410 प्रश्न थे, जिनमें से करीब 120 प्रश्न वास्तविक परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन से मेल खाने का दावा किया जा रहा है।
ADG विशाल बंसल ने क्या कहा
Vishal Bansal ने बताया कि जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर किसी प्रकार की नकल, संगठित धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक गतिविधि हुई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण पर इसे “पेपर लीक” कहना जल्दबाजी होगी और तकनीकी तथा साइबर जांच जारी है।
13 संदिग्धों से पूछताछ, तीन राज्यों तक फैली जांच
जांच एजेंसियों ने तीन राज्यों में पड़ताल की है और 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
15 से अधिक लोग जांच एजेंसियों के रडार पर बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप समूहों की भी गहन जांच की जा रही है।
‘गेस पेपर’ के प्रसार को लेकर कई दावे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह सामग्री Sikar सहित राजस्थान के कई शिक्षा केंद्रों तक पहुंची।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह सामग्री केरल से एक छात्र के माध्यम से राजस्थान पहुंची
और बाद में विभिन्न छात्रों तथा काउंसलर्स तक फैली।
हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
NTA और परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल
National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।
इस बार लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
कांग्रेस नेताओं Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra ने इस मामले को छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल जांच जारी है और आधिकारिक रूप से पेपर लीक की पुष्टि नहीं की गई है।
SOG का कहना है कि सभी तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।















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