ऊखीमठ में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की मांग तेज हो गई है।
राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को ज्ञापन भेजकर यात्रा मार्ग
और धाम में मूलभूत सुविधाएं मजबूत करने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मद्महेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है,
लेकिन यात्रा मार्ग और धाम में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
मद्महेश्वर धाम में हेल्थ यूनिट स्थापित करने की मांग
ज्ञापन में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने मद्महेश्वर धाम में स्थायी हेल्थ यूनिट स्थापित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि कठिन पैदल यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
गौण्डार और धाम में SDRF जवान तैनात करने की मांग
उन्होंने यात्रा मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए गौण्डार और मद्महेश्वर धाम में
एसडीआरएफ जवानों की तैनाती की मांग भी उठाई।
चण्डी प्रसाद भट्ट ने कहा कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में राहत
एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित जवानों की मौजूदगी अत्यंत आवश्यक है।
पेयजल, पार्किंग और पैदल मार्ग सुधार पर जोर
ज्ञापन में मद्महेश्वर धाम, रासी गांव और अन्य यात्रा पड़ावों में पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेयजल संकट के कारण यात्रियों
और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा रासी में पार्किंग निर्माण की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में
वाहनों के पहुंचने से अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
सुव्यवस्थित पार्किंग बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों की मरम्मत और सुविधाओं की मांग
राज्य मंत्री ने पिछले वर्ष आपदा से क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्गों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग भी प्रशासन से की है।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ रही है।
इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर शौचालय और प्रतीक्षालय निर्माण की मांग भी उठाई गई।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का आग्रह
चण्डी प्रसाद भट्ट ने जिलाधिकारी से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर धाम उत्तराखंड की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।















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