किसी नुकसान की पुष्टि नहीं, लेकिन इलाके में बढ़ी सतर्कता
उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों से एक बार फिर ग्लेशियर गतिविधियों की तस्वीरें सामने आई हैं।
Badrinath के निकट कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है,
जिससे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गया है।
हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
कंचनगंगा क्षेत्र में दिखी ग्लेशियर की हलचल
वीडियो में ऊंचाई वाले क्षेत्र से बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से नीचे खिसकता हुआ दिखाई दे रहा है।
घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में हलचल जरूर बढ़ी, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बताया है।
Chamoli जिले के संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में यह गतिविधि देखी गई है,
जिसे विशेषज्ञ सामान्य मौसमी प्रक्रिया से जोड़कर देख रहे हैं।
मौसम बदलाव से ग्लेशियरों में दरार की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में दिन के समय तेज धूप और रात में तापमान गिरने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर कमजोर होने लगते हैं। इसी कारण बर्फ के बड़े हिस्से टूटकर नीचे खिसक सकते हैं।
यह घटना हिमालयी क्षेत्रों में समय-समय पर देखी जाती है, लेकिन बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण अब इन्हें अधिक संवेदनशील माना जा रहा है।
पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की
Surjeet Singh Panwar ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुआ यह ग्लेशियर मूवमेंट हर साल धीरे-धीरे होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की क्षति नहीं हुई है और लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
Chamoli के माणा क्षेत्र में फरवरी 2025 में बड़ा हिमस्खलन हुआ था, जिसमें कई मजदूर प्रभावित हुए थे।
वहीं इससे पहले भी बद्रीनाथ क्षेत्र में इसी तरह की ग्लेशियर गतिविधियों के वीडियो सामने आते रहे हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में
राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग लगातार Uttarakhand के हिमालयी क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
विशेष रूप से बद्रीनाथ, माणा और कंचनगंगा जैसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है,
ताकि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

















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