अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ संघर्ष विराम और समझौता अब उनके लिए समाप्त हो चुका है।
ट्रंप ने कहा कि वह अब ईरान के साथ कोई नई डील नहीं करना चाहते।
अमेरिका ने किए नए हवाई हमले
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले शुरू किए।
अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, चाबहार, कोनारक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया।
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
ईरानी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो जवाब और कड़ा होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
दोनों देशों के बीच मौजूदा टकराव का सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है।
यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है।
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
शांति वार्ता पर भी संकट
ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उन्हें ईरान के साथ आगे बातचीत की उम्मीद नहीं है।
दूसरी ओर ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है।
इससे दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं कमजोर होती दिख रही हैं और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।















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