कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने उत्तराखंड के लिए 1 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।
विभाग के अनुसार अगले छह दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए गुरुवार (6 अगस्त) तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।
1 अगस्त: चार जिलों में भारी बारिश की संभावना
शनिवार, 1 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
अन्य पर्वतीय जिलों में तेज से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना है।
वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
2 अगस्त: इन छह जिलों के लिए येलो अलर्ट
रविवार, 2 अगस्त को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।
3 अगस्त: सात जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
सोमवार, 3 अगस्त को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
शेष जिलों में भी कहीं-कहीं तेज से अति तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने इस दिन के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है।
4 अगस्त: चार जिलों में रहेगा भारी बारिश का असर
मंगलवार, 4 अगस्त को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज वर्षा के दौर जारी रहने का अनुमान है।
मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
5 और 6 अगस्त: पूरे प्रदेश में बारिश
बुधवार, 5 अगस्त और गुरुवार, 6 अगस्त को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है।
इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और संवेदनशील मार्गों पर मलबा आने की आशंका भी बनी रह सकती है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।















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