डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विद्यार्थियों ने खेलों के महत्व और भारत की उपलब्धियों पर रखे विचार
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DACE) एवं
निःशुल्क सिविल सेवा कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में “साप्ताहिक मंथन” कार्यक्रम का आयोजन “कॉमनवेल्थ गेम्स 2026” विषय पर किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास, महत्व, भारत की उपलब्धियों तथा खेलों के माध्यम से नेतृत्व, अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों से परिचित कराना था।

विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर रखे विचार
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार प्रस्तुत किए।
- अभिषेक ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास एवं विकास पर प्रकाश डाला।
- मानसी ने खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों पर अपने विचार साझा किए।
- सचिन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया।
- विमल ने राष्ट्र-निर्माण में खेलों की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
- दीपक ने खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क के महत्व को रेखांकित किया।
- आश्विन ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से वैश्विक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं में सकारात्मक सोच के विकास पर अपने विचार रखे।
- कनिका ने युवाओं में खेल संस्कृति और शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता पर बल दिया।
- अंकुल ने भारत में खेलों के बढ़ते अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
- विपिन ने व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय एकता में खेलों के योगदान को रेखांकित किया।
- सौरभ ने युवाओं को उत्कृष्टता, समर्पण और खेल भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
खेल व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं: प्रो. एम.एम. सेमवाल
इस अवसर पर प्रो. एम.एम. सेमवाल ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
साथ ही विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना भी की।
विशेषज्ञों ने दिए रचनात्मक सुझाव
डॉ. आशीष बहुगुणा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन करते हुए विषय-वस्तु, तथ्यों की सटीकता, प्रस्तुति कौशल, भाषा-शैली और अभिव्यक्ति को लेकर उपयोगी सुझाव दिए।
कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश कुमार सिंह, डॉ. अरविंद रावत, डॉ. मुकेश सहाय, डॉ. शैलेन्द्र चमोला और डॉ. वीर सिंह सहित अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्टता और खेल भावना का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा, समावेशिता
और खेल भावना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन विपिन ने किया।


















Leave a Reply