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उत्तराखंड SIR: 14 अगस्त से आपत्ति वाले वोटरों को नोटिस

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अब जांच और सुनवाई का अहम चरण शुरू होने जा रहा है।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 13 अगस्त को पूरी होने के बाद 14 अगस्त से आपत्तियों के आधार पर नोटिस जारी किए जाएंगे।

जिन मतदाताओं के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज हुई है, उन्हें अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे।

14 अगस्त से जारी होंगे नोटिस

SIR के तहत जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज की गई है, उन्हें ERO या AERO स्तर से नोटिस जारी किए जाएंगे।

आपत्ति करने वाले व्यक्ति को भी नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्षों की सुनवाई होगी।

अधिकांश आपत्तियां ऐसे मतदाताओं को लेकर सामने आई हैं, जिनके बारे में दावा किया गया है कि वे संबंधित पते से कहीं और चले गए हैं या उस स्थान के निवासी नहीं हैं।

मतदाता को कैसे साबित करना होगा अपना पता?

सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता को यह साबित करना होगा कि वह उसी पते पर रहता है और मतदाता सूची में उसका नाम दर्ज होना सही है।

इसके लिए मतदाता निवास प्रमाण पत्र, जमीन से जुड़े दस्तावेज या अन्य वैध प्रमाण प्रस्तुत कर सकता है।

वहीं, आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को भी अपने दावे के समर्थन में प्रमाण देना होगा।

BLO की रिपोर्ट भी होगी अहम

इन मामलों की जांच में बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

BLO संबंधित पते पर जाकर या घर-घर सत्यापन कर यह जांच कर सकते हैं कि संबंधित मतदाता वास्तव में वहां रह रहा है या नहीं।

BLO की रिपोर्ट के आधार पर ERO को मतदाता की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

आपत्ति सही मिली तो हट सकता है नाम

सुनवाई के दौरान ERO आपत्तिकर्ता और मतदाता दोनों के दस्तावेज, साक्ष्य और BLO की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।

इसके बाद मामले में फैसला लिया जाएगा।

अगर आपत्ति सही पाई जाती है और यह साबित हो जाता है कि मतदाता संबंधित पते पर नहीं रहता

या उसका नाम वहां दर्ज नहीं होना चाहिए, तो मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है।

वहीं, अगर आपत्ति गलत या आधारहीन साबित होती है तो मतदाता का नाम सूची में बरकरार रहेगा।

मतदाताओं के लिए अब क्या जरूरी

SIR के दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उनके लिए सुनवाई में शामिल होकर अपना पक्ष रखना अहम होगा।

साथ ही अपने निवास और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखना भी जरूरी होगा।

अब 14 अगस्त से शुरू होने वाली नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि आपत्ति वाले मतदाताओं के नाम आगामी मतदाता सूची में बने रहेंगे या नहीं।

बिल्कुल, खबर के साथ SEO पैकेज भी दे रहा हूं। 14 अगस्त से नोटिस शुरू होने की बात ताजा रिपोर्ट से भी पुष्ट होती है।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-education-teacher-recruitment-ban-girls-sainik-school/
https://youtu.be/55Yhp1Wq6lU?si=wG_8Pc1Sl-8sbFK7
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