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उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में डिजिटल जनगणना शुरू

52 हजार लोगों की होगी गणना; ऐसे करें स्व-गणना

उत्तराखंड के दुर्गम और हिमाच्छादित क्षेत्रों में डिजिटल जनगणना की शुरुआत हो गई है।

रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के बर्फीले इलाकों में सोमवार से स्व-गणना का चरण शुरू किया गया है।

यह देशभर में होने वाली जनगणना के दूसरे चरण से पहले कराया जा रहा विशेष अभियान है।

इस अभियान के तहत उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में करीब 52 हजार की अनुमानित आबादी को जनगणना में शामिल किया जाएगा।

4 जिलों के 131 गांव और 3 नगर पंचायत क्षेत्र शामिल

हिमाच्छादित क्षेत्रों की डिजिटल जनगणना के लिए उत्तराखंड के चार जिलों को शामिल किया गया है।

इनमें कुल 11 चार्ज, करीब 131 गांव और 3 नगर पंचायत क्षेत्र शामिल हैं।

इनमें गंगोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ नगर पंचायत क्षेत्र भी शामिल हैं।

जिलेवार अनुमानित आबादी की बात करें तो उत्तरकाशी के मोरी, राजगढ़ी और भटवाड़ी क्षेत्रों में करीब 40 हजार,

चमोली के ज्योतिर्मठ और चमोली क्षेत्र में करीब 3 हजार, रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ क्षेत्र में करीब 200

और पिथौरागढ़ के मुनस्यारी व धारचूला क्षेत्रों में करीब 9 हजार लोगों की गणना की जाएगी।

कब तक चलेगी स्व-गणना?

डिजिटल स्व-गणना का चरण 17 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगा।

इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना करेंगे।

इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक संशोधन का दौरा किया जाएगा।

जनगणना के लिए संदर्भ समय 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे निर्धारित किया गया है।

इस बार जनगणना को डिजिटल माध्यम से कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

घर बैठे ऐसे करें डिजिटल स्व-गणना

हिमाच्छादित क्षेत्रों में रहने वाले लोग वेबसाइट के माध्यम से अपनी स्व-गणना कर सकते हैं।

इसके लिए सबसे पहले se-snowbound.census.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा।

इसके बाद मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करना होगा।

इसके लिए वही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना होगा, जो जनगणना के पहले चरण में इस्तेमाल किया गया था।

स्व-गणना की प्रक्रिया

1. वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
2. अपने पते की गूगल लोकेशन मोबाइल से सबमिट करें।
3. स्क्रीन पर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दें।
4. कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे।
5. सवाल पूरे होने के बाद एक SE ID मिलेगी।
6. जब प्रगणक आपके घर पहुंचे तो उन्हें यह SE ID उपलब्ध कराएं।
7. प्रगणक आपके द्वारा भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे और इसके बाद आपकी जनगणना पूरी हो जाएगी।

डिजिटल जनगणना से दुर्गम इलाकों को मिलेगी सुविधा

हिमाच्छादित और दुर्गम क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण घर-घर जाकर जनगणना कराना चुनौतीपूर्ण रहता है।

ऐसे में डिजिटल स्व-गणना के जरिए लोगों को पहले से अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी।

इसके बाद प्रगणक मौके पर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।

इससे बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड के चार जिलों में शुरू हुआ यह विशेष डिजिटल अभियान प्रदेश के दुर्गम हिमाच्छादित क्षेत्रों की आबादी को जनगणना प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

https://regionalreporter.in/pauri-mahargao-landslide-debris-2-3-people-trapped/
https://youtu.be/2qM9b1FDNKI?si=2f1Hm7x97VVLkIO5
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