बंगाल में कार्यक्रम रद्द करने का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान अब सिर्फ सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा है।
महाराष्ट्र से शुरू हुआ यह अभियान कई राज्यों तक पहुंच चुका है
और इसी बीच पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम रद्द होने को लेकर संगठन ने BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का दावा है कि कोलकाता में होने वाले कार्यक्रम के लिए हॉल देने वाले मालिकों पर दबाव और धमकियां दी गईं।
इसके चलते कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर BJP की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कोलकाता में कार्यक्रम रद्द, CJP ने लगाए आरोप
CJP के मुताबिक, उत्तर कोलकाता के भारत सभा हॉल में संगठन की बैठक प्रस्तावित थी।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि हॉल मालिकों को BJP नेताओं की ओर से धमकियां मिलने के बाद कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि छह अन्य हॉल मालिकों ने भी कथित दबाव के चलते कार्यक्रम आयोजित करने से इनकार कर दिया।
CJP ने कहा है कि कार्यक्रम भले ही रद्द हुआ हो, लेकिन पश्चिम बंगाल में उसका अभियान जारी रहेगा।
संगठन जल्द ही दूसरे स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कह रहा है।
बंगाल में CJP समर्थक के साथ कथित मारपीट का मामला
इसी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले से भी विवाद सामने आया है।
CJP का आरोप है कि उसके समर्थक अब्दुल हाफिज को सरकारी स्कूल का दौरा करने
और स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने के कारण निशाना बनाया गया। संगठन ने उसके पिता के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर CJP ने BJP से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में पुलिस की जांच और सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट होगी।
महाराष्ट्र से शुरू हुआ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
CJP ने 15 अगस्त से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को राष्ट्रव्यापी स्तर पर शुरू किया।
अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का सोशल ऑडिट करने और बुनियादी सुविधाओं की कमियों को सामने लाने का दावा किया गया।
CJP के अनुसार, अभियान के शुरुआती चरण में देशभर में करीब 1,200 से 1,500 स्वयंसेवकों ने स्कूलों का निरीक्षण किया।
इनमें शिक्षकों की कमी, शौचालय, बुनियादी ढांचे और दूसरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दर्ज करने का दावा किया गया है।
हिंगोली में प्रिंसिपल पर कार्रवाई से मिला अभियान को जोर
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अभियान के दौरान एक सरकारी स्कूल की स्थिति का मुद्दा उठाया गया था।
CJP की शिकायतों और आंदोलन के बाद शराब पीकर स्कूल आने के आरोपों से घिरे प्रिंसिपल को निलंबित किए जाने की खबर सामने आई।
संगठन ने इसे अभियान की पहली बड़ी सफलता बताया।
इसके बाद भी CJP ने अभियान जारी रखने की बात कही है।
अब स्कूलों से आगे ग्रामीण परिवहन पर फोकस
CJP का अभियान अब केवल स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं दिख रहा है।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अभियान के अगले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल तक बच्चों की पहुंच और परिवहन व्यवस्था को मुद्दा बनाया जा रहा है।
खासकर दूरदराज के गांवों में बच्चों के स्कूल पहुंचने की समस्या को लेकर CJP आवाज उठाने की तैयारी में है।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री को भी चुनौती
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी चुनौती दी है।
रांका ने मंत्री से उनके कार्यकाल में बनाए गए 10 सबसे अच्छे सरकारी स्कूल दिखाने को कहा है
और अपनी टीम के साथ उनका निरीक्षण करने की बात कही है।
अभियान बढ़ा तो सियासत भी तेज
CJP का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान अब सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षकों की कमी, बुनियादी सुविधाओं, परिवहन और जवाबदेही जैसे मुद्दों को जोड़ रहा है।
महाराष्ट्र में स्कूल सुधार को लेकर कार्रवाई के बाद अब पश्चिम बंगाल में कार्यक्रम रद्द होने और कथित हमले के आरोपों ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है।
हालांकि CJP के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, लेकिन इतना साफ है कि सरकारी स्कूलों की
बदहाल व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ यह अभियान अब देशभर में राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।
















Leave a Reply