अनुशासनहीनता और दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर भी रोक
देहरादून में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने पार्टी नेता आशुतोष नेगी के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
यूकेडी की केंद्रीय अनुशासन समिति की ओर से 27 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया।
आदेश में उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की बात कही गई है।
पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति के अध्यक्ष राकेश सेमवाल की ओर से जारी आदेश में
आशुतोष नेगी पर अनुशासनहीनता और कथित दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक बयान देने का आरोप
यूकेडी के अनुसार, आशुतोष नेगी सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर भ्रामक और तथ्यहीन बयान दे रहे थे।
पार्टी का कहना है कि इस संबंध में उन्हें पहले भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
हालांकि, उनके जवाब को समिति ने संतोषजनक नहीं माना।
इसके बाद केंद्रीय अनुशासन समिति ने उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई करने का फैसला लिया।
पहले मिल चुकी थीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
पार्टी के आदेश के अनुसार, आशुतोष नेगी को संगठन में पहले कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं।
वर्ष 2024 में उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता प्रदान की गई थी। इसके बाद उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर भी दिया गया।
यूकेडी ने उन्हें केंद्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।

चुनावी तैयारियों के बीच हुई कार्रवाई
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यूकेडी ने संगठनात्मक स्तर पर चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे थे।
पार्टी के अनुसार, आशुतोष नेगी ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
पत्र में दावा किया गया है कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें सकारात्मक संकेत भी दिए गए थे।
इसके बावजूद यूकेडी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियां कीं।
विपक्षी दलों के साथ मिलकर नुकसान पहुंचाने का आरोप
अनुशासन समिति के आदेश में आशुतोष नेगी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पार्टी का दावा है कि उनके कथित आचरण से यह प्रतीत हुआ कि चुनावी वर्ष में विपक्षी और अन्य राजनीतिक दलों के साथ मिलकर यूकेडी को राजनीतिक और संगठनात्मक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था।
हालांकि, इन आरोपों पर आशुतोष नेगी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद उनका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

पार्टी के नाम और प्रतीकों के इस्तेमाल पर रोक
यूकेडी ने निष्कासन अवधि के दौरान आशुतोष नेगी को पार्टी का नाम और झंडा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है।
वह पार्टी के चुनाव चिह्न या किसी अन्य अधिकृत प्रतीक का भी उपयोग नहीं कर सकेंगे।
पार्टी के आदेश के अनुसार, वह स्वयं को यूकेडी का अधिकृत पदाधिकारी या प्रतिनिधि भी नहीं बता सकेंगे।
इससे पहले जुलाई 2026 में भी पार्टी ने आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष पद सहित अन्य संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था।
अब 27 अगस्त को जारी ताजा आदेश के बाद आशुतोष नेगी अगले छह वर्षों तक उत्तराखंड क्रांति दल के सदस्य नहीं रहेंगे।















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