UKSSSC ने युवाओं को किया सावधान
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को ठगने की कोशिश का मामला सामने आया है।
फर्जी मेरिट लिस्ट और ईमेल वायरल किए जा रहे हैं।
मामला हल्द्वानी नगर निगम में क्लर्क और कनिष्ठ सहायक पदों की भर्ती से जुड़ा है।
सोशल मीडिया पर एक कथित मेरिट लिस्ट तेजी से वायरल हो रही है।
इस सूची में 11 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं। इसमें दावा किया गया है कि इन अभ्यर्थियों का क्लर्क पद पर चयन हो गया है।
आयोग के नाम और हस्ताक्षर वाली फर्जी सूची
हैरानी की बात यह है कि वायरल पीडीएफ पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का नाम दर्ज है।
सूची पर आयोग के सचिव के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं।
फर्जी दस्तावेज को वास्तविक दिखाने के लिए अभ्यर्थियों को ईमेल भी भेजे गए। ईमेल में उन्हें क्लर्क पद पर चयनित होने की जानकारी दी गई।
ईमेल में अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए हल्द्वानी नगर निगम बुलाया गया। इसके साथ जरूरी दस्तावेज लेकर आने के निर्देश भी दिए गए।
वायरल ईमेल में 29 अगस्त को सुबह 10 बजे नगर निगम हल्द्वानी में साक्षात्कार के लिए पहुंचने को कहा गया था।
UKSSSC ने फर्जी बताया पूरा मामला
मामले की जानकारी सामने आने के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वायरल मेरिट लिस्ट और ईमेल को फर्जी बताया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि उसकी ओर से ऐसी कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों को इस तरह के ईमेल भी आयोग ने नहीं भेजे हैं।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने युवाओं से ऐसे दस्तावेजों के झांसे में नहीं आने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से इस तरह की कोई सूची जारी नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेजों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
संदिग्ध ईमेल आए तो पुलिस को दें सूचना
जीएस मर्तोलिया ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को ऐसा ईमेल मिलता है या कोई व्यक्ति इस संबंध में संपर्क करता है, तो पुलिस से शिकायत करें।
उन्होंने युवाओं से भर्ती से जुड़ी जानकारी केवल आयोग के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करने की अपील की।
कनिष्ठ सहायक भर्ती का परिणाम पहले ही जारी
आयोग के अनुसार, कनिष्ठ सहायक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इस भर्ती का परिणाम भी पूर्व में जारी किया जा चुका है।
चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती की प्रक्रिया भी संबंधित विभागों के स्तर पर शुरू हो चुकी है।
ऐसे में अब वायरल हो रही नई मेरिट लिस्ट पर भरोसा करना युवाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर भेजे जा रहे किसी भी संदिग्ध ईमेल या दस्तावेज की पहले पुष्टि करें।
सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को खास तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी चयन पत्र या इंटरव्यू कॉल पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए।

















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