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सरोकारों से साक्षात्कार

उत्तराखंड में बारिश का असर तेज, 150 से ज्यादा सड़कें बंद

पहाड़ से मैदान तक जनजीवन प्रभावित

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

कहीं भूस्खलन से सड़कें बंद हैं तो कहीं मलबा आने से यातायात बाधित है। कई इलाकों में लोगों को जरूरी काम के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

5 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

राज्य में लगातार बारिश के बीच 150 से अधिक सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है।

इससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।

पिथौरागढ़ में 18 सड़कें बंद, सीमांत क्षेत्रों की मुश्किल बढ़ी

पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा आने से 18 सड़कें बंद हो गई हैं।

इससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला और तहसील मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है। मरीजों, यात्रियों और जरूरी काम से जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुए हैं। कई जगह सड़क बंद होने से घंटों यातायात बाधित रहा।

प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनों की मदद से लगातार काम कर रहे हैं।

पिथौरागढ़ में आज भी बारिश और गरज-चमक का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 5 सितंबर को पिथौरागढ़ में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

6 सितंबर को भी बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं। 7 और 8 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बारिश को देखते हुए जिले में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। लोगों से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।

ये 18 सड़कें बारिश से हुई बंद

पिथौरागढ़ में बंद मार्गों में घारचूला-तवाघाट, तवाघाट-गुंजी और ड्योरा-बारमू मोटर मार्ग शामिल हैं।

इसके अलावा जौलजीबी-झूलाघाट, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक और एलागाड़-जुम्मा मार्ग भी प्रभावित हैं।

घापाबैण्ड-बुई-पातों, बांसबगड़-कोटा, मदकोट-दारमा और जैती-घोरपट्टा मार्ग पर भी आवाजाही बाधित है।

घट्टाबगड़-तांकुल, देविसौना-गराली-कूटा, मालाकोट-लोघ और मदकोट-बोना मार्ग भी बंद बताए गए हैं।

कनालीछीना-पीपली, जाखपंत-मनकोट-चौड़ी और गिनीबैण्ड-समकोट मोटर मार्ग भी बारिश की चपेट में हैं।

बागेश्वर में 16 मोटर मार्ग बंद, एंबुलेंस भी फंसी

बागेश्वर जिले में भी बारिश और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां एनएच-109 समेत 16 मोटर मार्ग बंद हुए हैं।

सड़कों पर मलबा आने से कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। रवाईखाल क्षेत्र में सड़क बंद होने से बड़ी संख्या में वाहन फंस गए।

एंबुलेंस, बस और टैक्सियों को भी जाम में फंसना पड़ा। मरीज को बैजनाथ ले जा रही एक एंबुलेंस करीब डेढ़ घंटे तक फंसी रही।

विभागीय कर्मचारी और मशीनें मलबा हटाकर बंद मार्गों को खोलने में जुटी हैं।

देहरादून में भी बारिश से सड़क और नदी-नालों पर दबाव

देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई ग्रामीण मार्ग बारिश से प्रभावित हुए हैं।

कुछ इलाकों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को सतर्क रहना पड़ रहा है।

IMD के पूर्वानुमान में 5 और 6 सितंबर को देहरादून में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

टिहरी में रिंग रोड का पुश्ता क्षतिग्रस्त

लगातार बारिश के बीच टिहरी जिले में निर्माणाधीन जाख-डोबरा रिंग रोड के तहत बनाया गया पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया।

पुश्ते का हिस्सा टूटने और धंसने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था से निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की सिर्फ मरम्मत करने के बजाय मानकों के अनुसार दोबारा मजबूत निर्माण किया जाना चाहिए।

IMD के अनुसार टिहरी में 5 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

पौड़ी और नैनीताल में स्कूलों पर भी बारिश का असर

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

5 सितंबर को नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की सूचना सामने आई है।

प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

अल्मोड़ा में भी बारिश का दौर जारी

अल्मोड़ा में भी 5 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

IMD के अनुसार 6 से 8 सितंबर के बीच भी बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

10 सितंबर तक मौसम में पूरी तरह राहत नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

5 सितंबर को हरिद्वार, देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

6 सितंबर को भी देहरादून, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन पर्वतीय जिलों में बारिश के दौर बने रहने का अनुमान है।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-climate-disaster-report-glaciers-glof-avalanche/
https://youtu.be/y9QpImppl2I?si=GGmZj6WYiG0ay1Bl
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