चमोली: नंदा देवी बड़ी जात यात्रा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
अब यात्रा के अंतिम पड़ाव वांण गांव से जुड़ा मामला सामने आया है।
ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर यात्रा के दौरान संभावित अव्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी चमोली ने बड़ी जात आयोजन समिति को चेतावनी पत्र जारी किया।
इसके जवाब में समिति अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने प्रशासन को तीन पेज का पत्र भेजा है।
उन्होंने यात्रा के दौरान सुरक्षा और श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
डीएम ने समिति को भेजा चेतावनी पत्र
सिद्धपीठ कुरूड़ से नंदा देवी की तीन डोलियां कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो चुकी हैं।
यात्रा शुरू होने के चार दिन बाद भी बड़ी जात को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।
चार सितंबर को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने नायब तहसीलदार नंदानगर (घाट) के माध्यम से
आयोजन समिति अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजा।
इसमें वांण की ग्राम प्रधान नंदुली देवी की शिकायत का हवाला दिया गया है।
पत्र में कहा गया कि बड़ी जात के दौरान मां राजराजेश्वरी की डोली के साथ अन्य डोलियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु वांण पहुंच सकते हैं।
इससे गांव में अव्यवस्था और अशांति उत्पन्न होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी बड़ी जात समिति की होने की बात कही गई है।
डीएम ने समिति अध्यक्ष से ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श कर आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने को कहा है।
साथ ही चेतावनी दी गई कि यात्रा के दौरान शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होने पर
संबंधित का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। नियमानुसार कार्रवाई की बात भी पत्र में कही गई है।
समिति ने अवरोध उत्पन्न करने का लगाया आरोप
डीएम के पत्र के जवाब में सोमवार को कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने तीन पेज का पत्र भेजा।
उन्होंने कहा कि बड़ी जात का आयोजन महीनों पहले सिद्धपीठ कुरूड़ के पुजारियों, डोली और मंदिर समिति की सहमति से विधिवत तय किया गया था।
समिति अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गौड़ पुजारियों का एक गुट यात्रा में अवरोध उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी कार्ययोजना का हिस्सा है। कर्नल रावत ने मामले की जांच की मांग की है।
उन्होंने बताया कि बड़ी जात समिति की ओर से शासन-प्रशासन, राजजात समिति और अन्य समितियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लगातार प्रयास किए गए हैं।
समिति ने प्रशासन के साथ विचार-विमर्श और सहयोग के लिए तैयार रहने की बात भी कही है।
लाटू देवता मंदिर का हवाला देकर जताई आपत्ति
समिति अध्यक्ष ने अपने पत्र में वांण गांव स्थित लाटू देवता मंदिर का भी हवाला दिया है।
उन्होंने कहा कि लाटू देवता नंदा देवी के धर्मभाई माने जाते हैं।
वांण में स्थित उनका पौराणिक मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
कर्नल रावत के अनुसार, ऐसे में वांण में प्रवेश को लेकर रोक या आपत्ति धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।
समिति ने प्रशासन से यात्रा मार्ग के दुर्गम और निर्जन पड़ावों पर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने की मांग की है।
अब नंदा देवी की डोलियां कैलाश गमन के तहत आगे बढ़ चुकी हैं।
ऐसे में होमकुंड तक यात्रा के दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए किस तरह की व्यवस्थाएं करता है, इस पर नजर रहेगी।















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