भरभराकर गिरी इमारत; ठेकेदार और PG संचालक गिरफ्तार
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के मामले में पुलिस जांच में रेनोवेशन को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, हादसे से करीब दस दिन पहले इमारत में मरम्मत और बदलाव का काम शुरू कराया गया था।
जांच में सामने आया है कि रेनोवेशन के दौरान एक दीवार तोड़ी गई थी।
पुलिस को शक है कि दीवार हटने के बाद इमारत का भार संतुलित नहीं रह सका और कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना ढह गई।
बेसमेंट में डाला गया था मलबा
पुलिस के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने की तैयारी चल रही थी।
इसके लिए बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा डाले जाने की बात सामने आई है।
पूछताछ में लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार ने कथित तौर पर बताया कि दुकान की जगह बढ़ाने के लिए हादसे वाले दिन एक दीवार तोड़ी गई थी।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दीवार हटाने और बेसमेंट में किए जा रहे बदलावों का इमारत की मजबूती पर कितना असर पड़ा।
ठेकेदार और PG संचालक गिरफ्तार
पुलिस ने रेनोवेशन का काम संभालने वाले ठेकेदार सनोज कुमार और PG संचालक सुधांशु लवनीश को गिरफ्तार किया है।
इससे पहले इमारत मालिक के बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया।
वह दिल्ली के मोतीबाग स्थित जेजे कैंप में रहता था और मूल रूप से बिहार के बांका जिले का रहने वाला है।
पूछताछ में उसने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे हादसे से करीब दस दिन पहले रेनोवेशन का काम सौंपा था।
इसके बदले उसे प्रतिदिन 2,800 रुपये दिए जा रहे थे।
PG संचालक सात PG चलाता था
पुलिस के मुताबिक, सुधांशु लवनीश दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर चुका है।
उसने 2019 में ग्रेजुएशन पूरा किया था और वर्ष 2022 से दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन में ‘Hostel Daze’ नाम से PG संचालन शुरू किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फिलहाल सुधांशु इलाके में करीब सात PG संचालित करता था।
पुलिस का कहना है कि अगस्त 2025 में सुधांशु और शुभम ने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये मासिक किराये पर ली थीं।
पूछताछ में सामने आया कि इमारत की हालत खराब होने के कारण उन्हें यह संपत्ति अपेक्षाकृत कम किराये पर मिली थी।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इमारत की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उसमें रेनोवेशन क्यों कराया गया।
शुभम त्यागी की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक हरिराम गुप्ता ने इमारत का एक फ्लोर शुभम त्यागी को लीज पर दिया था।
हादसे के बाद से शुभम त्यागी पुलिस की जांच के दायरे में है और उसकी तलाश की जा रही है।
मामले में आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की तीन दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने दो दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की।
सुनवाई के दौरान सुधांशु के वकील ने मीडिया ट्रायल का मुद्दा उठाया।
इसके बाद कोर्ट ने मीडिया कर्मियों को कोर्ट रूम से बाहर जाने का आदेश दिया।
मालिक दंपती भी न्यायिक हिरासत में
इस मामले में पुलिस पहले ही इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है।
दोनों को 7 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया था।
कोर्ट ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता और 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
वहीं उनके बेटे महेश गुप्ता को पुलिस कस्टडी में भेजा गया था।
हादसे में अब तक सात लोगों की मौत
सत्य निकेतन में यह हादसा 6 सितंबर 2026 को हुआ था। पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी।
हादसे के बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
राहत और बचाव दलों ने मलबे से लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
शुरुआती जांच में बेसमेंट में काम, पानी जमा होने और इमारत में चल रहे निर्माण कार्य को हादसे से जोड़कर देखा गया था।
अब पुलिस की जांच में रेनोवेशन के दौरान दीवार तोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद दिल्ली में अवैध और जर्जर PG इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन ने कई इमारतों की जांच और कार्रवाई शुरू की है।















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