मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर कार्यालय में कामकाज की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी रिपोर्ट या प्रस्ताव पर अपनी टिप्पणियां दर्ज करते हैं,
लेकिन अंतिम निर्णय पूरी प्रक्रिया के तहत सामूहिक रूप से लिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय की कार्यप्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी फाइल
या रिपोर्ट पर अधिकारी अपनी राय दर्ज करते हैं।
इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उस पर निर्णय लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि जो फैसला जनहित में होता है, वही अंतिम रूप से लिया जाता है।
धामी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मौजूदा मामले को लेकर कहा कि इसे बेवजह राजनीतिक तूल दिया जा रहा है।
हरीश रावत को बताया सम्मानित नेता
हल्द्वानी में मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर भी सवाल किया गया।
हरिद्वार से हरीश रावत के आगामी चुनाव लड़ने की चर्चाओं के संबंध में पूछे गए सवाल पर धामी ने उन्हें सम्मानित नेता बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरीश रावत का लंबा सार्वजनिक जीवन रहा है,
और उन्होंने समाज के लिए काम किया है। उन्होंने हरीश रावत के स्वस्थ रहने और दीर्घायु होने की कामना भी की।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विवाद के बीच हरीश रावत ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
24 सितंबर को रावत ने आरोप लगाया था कि आयोग की स्वायत्तता प्रभावित हुई है,
और एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं।















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