मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली में तेज हो गया।
लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
चुनाव आयोग ने हालांकि चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद को सामान्य प्रक्रिया बताया है और कहा है कि फैसले अंततः संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
300 सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने की मांग की
7 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों के लिए दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में बैठक बुलाई थी।
बैठक के बाद विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए बसों से रवाना हुए।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे।
उनके मुताबिक सांसद SIR और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते थे।
राहुल गांधी ने कहा कि पहले पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल बताते हुए वहां जाने का फैसला किया।

जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही रोकी गईं बसें
INDIA ब्लॉक के सांसदों की बसें जनपथ से जंतर-मंतर की ओर बढ़ीं,
लेकिन पुलिस ने उन्हें अशोक रोड के पास शांगरी-ला होटल के सामने रोक दिया।
यह जगह जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर पहले थी।
पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया।
पुलिस के मुताबिक बिना अनुमति प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं थी।
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई नेताओं को वहां से हटाया गया।
राहुल गांधी बोले- 45 FIR हैं, टारगेट 100 का
हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 FIR दर्ज हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “मेरा टारगेट है कि ये 100 हो जाएं। हर FIR मेरे लिए मेडल की तरह है।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेगा और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रियंका गांधी सड़क पर लेटीं, हाथ में थी संविधान की प्रति
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा समेत महिला सांसद और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए।
प्रियंका गांधी कुछ समय बाद सड़क पर लेट गईं और उनके हाथ में संविधान की प्रति थी।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में लिया।
प्रियंका गांधी ने बाद में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनके साथ बदसलूकी की गई।
पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर ‘वोट चोरी’ से जुड़े अपने आरोपों पर बात करना चाहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को प्रदर्शन करने से रोक रही है।

राहुल की गाड़ी को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया पंचर
हिरासत के दौरान राहुल गांधी को जिस वाहन में ले जाया जा रहा था, उसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर पंचर कर दिया।
इसके बाद राहुल गांधी और दूसरे नेताओं को अलग-अलग पुलिस वाहनों से थाने ले जाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी को बाराखंभा रोड थाने ले जाया गया, जबकि कई अन्य विपक्षी नेताओं और सांसदों को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया।
बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने लगाया बल प्रयोग और धक्का-मुक्की का आरोप
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और एक सब-इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि उसका यूनिफॉर्म फाड़ा गया तथा उसे काटा गया।
दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर बल प्रयोग करने और प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के आरोपों की अलग-अलग जांच की बात सामने आई है।
राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा
हिरासत के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार की घबराहट को दिखाती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन को रोकने की कार्रवाई डर के कारण की जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि विपक्ष अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की गलतियों का फायदा सरकार को मिल रहा है और विपक्ष जनता के अधिकारों के लिए लड़ रहा है।
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ का ऐलान किया
7 अक्टूबर की पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
पार्टी ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 8 अक्टूबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने की घोषणा की।
कांग्रेस ने अपने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठनों से बड़े प्रदर्शन करने को कहा है।
इस तरह दिल्ली में शुरू हुआ विवाद अब दूसरे राज्यों तक राजनीतिक विरोध का रूप ले रहा है।
कैसे हुई विवाद की शुरुआत
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर बढ़ा है।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
इस विवाद के बीच भारतीय एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद का दावा किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले महीनों में कुछ फैसलों को लेकर कई बार आपत्ति जताई थी।
चुनाव आयोग ने इन मतभेदों को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय आयोग में फैसले संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार लिए जाते हैं।
विपक्ष बोला- आंदोलन जारी रहेगा
लगातार दो दिन की पुलिस कार्रवाई के बावजूद राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
विपक्ष का कहना है कि वह SIR, कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाएगा।
वहीं पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों के कारण बिना अनुमति मार्च और प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

















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