19 नवंबर को ऊखीमठ पहुंचेगी डोली
विजयदशमी के अवसर पर पंचकेदार के प्रमुख धामों भगवान तुंगनाथ, भगवान केदारनाथ और भगवान मदमहेश्वर के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित कर दी गई हैं।
शीतकाल शुरू होने के साथ ही हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्थित इन धामों में नियमित दर्शन बंद हो जाएंगे।
इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोलियां शीतकालीन गद्दीस्थलों के लिए प्रस्थान करेंगी।
11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ के कपाट
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
इसके बाद बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली फाटा और गुप्तकाशी होते हुए
शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। इसकी जानकारी डोली प्रभारी डीएस भुजवाण ने दी।
6 नवंबर को बंद होंगे तुंगनाथ के कपाट
हिमालय में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को विधि-विधान के साथ बंद होंगे।
विजयदशमी पर शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
इसके बाद 8 नवंबर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली मक्कूमठ पहुंचेगी।
यहां शीतकाल के दौरान श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इसकी जानकारी बीकेटीसी प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने दी।
मदमहेश्वर के कपाट 16 नवंबर को होंगे बंद
द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे।
इसके बाद भगवान की उत्सव डोली गौंडार में रात्रि विश्राम करेगी।
17 नवंबर को डोली गौंडार से रांसी, 18 नवंबर को रांसी से गिरिया और 19 नवंबर को गिरिया से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी।
यहां भगवान मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा संपन्न होगी। इसकी जानकारी वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी ने दी।
कपाट बंद होने की तिथियों की घोषणा के साथ ही तीनों धामों में शीतकालीन पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं।
कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु ऊखीमठ और मक्कूमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थलों पर भगवान के दर्शन कर सकेंगे।















Leave a Reply